दरभंगा, जागरण संवाददाता। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में 11 सूत्री मांगों को लेकर छात्र संगठन आइसा का जोरदार आंदोलन शुरू है। छात्र संगठन ने विवि मुख्यालय के सभी कार्यालय को बंद करा दिया है। वहीं कुलपति प्रोफेसर सुरेंद्र प्रताप सिंह और कुलसचिव प्रोफेसर मुस्ताक अहमद को भी कार्यालय में प्रवेश से रोक दिया। काफी मनाने के बाद भी छात्रों ने कुलपति व कुलसचिव को मुख्यालय स्थित उनके कार्यालय में घुसने नहीं दिया। मुख्यालय गेट में ताला जड़, आंदोलन पर बैठे हैं। छात्र संगठन के नेताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के अधीन पीजी एवं अंगीभूत कॉलेजों के वरिष्ठ शिक्षकों का शहर से बाहर तबादला किया जा रहा है। इस कारण पीजी विभागों व प्रसिद्ध कॉलेजों में पढ़ाने वाले वरीय एवं अनुभवी शिक्षकों का अभाव होते जा रहा है।

इन दिनों विश्वविद्यालय में प्रतिशोध का दौर चल रहा है। जिसका खामियाजा विवि के वरिष्ठ शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। इन्हें बिना किसी कारण के ही संबंधित विभागों से स्थानांतरित किया जा रहा है। इनकी जगह पर नए और गैरअनुभवी शिक्षकों को पीजी विभागों व प्रसिद्ध कॉलेजों में लाया जा रहा है। आंदोलनकारी छात्रों ने परीक्षा समेत विभिन्न विभागों को बंद कराने के दौरान कहा- समस्तीपुर कालेज के मनोविज्ञान विभागाअध्यक्ष प्रो. साधना शर्मा का स्थानांतरण निरस्त कर पुनः समस्तीपुर कालेज समस्तीपुर में पदस्थापित करने, शैक्षणिक प्रशासनिक अराजकता के जिम्मेवार व बदले की भावना से कार्य करने वाले वर्तमान प्रोफेसर इंचार्ज को बर्खास्त करने, इंफ्रास्ट्रक्चर दुरुस्त करने के नाम पर कालेज की राशि का दुरुपयोग का उच्च स्तरीय जांच कराने, छात्राओं को को आपत्तिजनक तस्वीर भेजने वाले हिंदी विभाग के शिक्षक अखिलेश कुमार को बर्खास्त करने, छात्रों के परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी के दोषी परीक्षा नियंत्रक पर कार्रवाई करने एवं छात्रों का परीक्षा परिणाम अभिलंब प्रकाशित करने समेत 11सूत्री मांगों को अविलंब पूरा किया जाए ।

उक्त मांगों को लेकर पिछले तीन दिनों से आइसा कार्यालय सह सचिव दीपक यदुवंशी, तिलो कुमार तिलक सदा, आनंद कुमार अनशन पर बैठे हैं। आंदोलनकारी नेताओं ने कहा कि छात्रो के विवि में आज अधिकारी राज चल रहा है। शिकायत करने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों को को ही जिला बदर कर दिया जा रहा है।आज पूरे तौर पर विवि में तानाशाही हावी है। कहा कि किसी भी कालेज या विवि का नाम रौशन छात्र-शिक्षक- कर्मचारी ही करते हैं। लेकिन आज विवि प्रशासन शिक्षक व कर्मचारी नेता पर ही करवाई को तुला है । पढ़ाने वाले शिक्षक को शहर के कालेज से हटाया जा रहा है।

Edited By: Ajit kumar

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