दरभंगा। कुपोषण की वजह से व्यक्ति का सर्वांगीण विकास नहीं हो पाता है जिससे उसकी कार्य क्षमता घटती है । इसका दुष्परिणाम अंतत: उस व्यक्ति के साथ साथ परिवार , समाज एवं देश को भी भुगतना पड़ता है। जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर ¨सह ने समाज कल्याण विभाग के द्वारा समाहरणालय स्थित अंबेडकर सभागार में आयोजित पोषण अभियान पर आयोजित सेमिनार के अवसर पर ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार गर्भ से लेकर शिशु के व्यस्क होने तक पोषण संवर्धन का कार्यक्रम चला रही है । इसके बावजूद भी समाज के कई स्तरों पर शिशु एवं मातृ कुपोषण की स्थिति विद्यमान है। इसकी मूल वजह जागरूकता की कमी है। लोगों के बीच जागरूकता उत्पन्न कर इस स्थिति में सुधार लाया जा सकता है । उन्होंने कहा कि पोलियो प्रतिरक्षण कार्यक्रम की तरह अभियान चलाकर लोगों में स्वच्छता तथा सही तरीके से जीवन यापन करने के तरीके एवं पोषण कार्यक्रम की जानकारी देनी जरूरी है। कहा कि 0 से 6 वर्ष के बीच के बच्चों को तथा धात्री एवं गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से मुक्त बनाना ही इस अभियान का उद्देश्य है। उपस्थित अधिकारियों से उन्होंने अनुरोध किया कि पोषण अभियान को एक जन आंदोलन की तरह जिले में चलाएं।

संस्थागत प्रसव के लिए लोगों को प्रेरित करना तथा प्रसव के 1 घंटे के अंदर शिशु को स्तनपान

कराना, 6 महीने तक सिर्फ मां का दूध बच्चों को देना, 6 महीने के बाद पौष्टिक पूरक आहार देने संबंधी बातों को लोगों में विशेष रूप से प्रचारित-प्रसारित करने की जरूरत है । जिला प्रोग्राम पदाधिकारी अलका आम्रपाली ने बताया कि 1 सितंबर से 30 सितंबर तक जिले में पोषण माह आयोजित है। इस पूरे माह के अंतर्गत विभिन्न तरह के पोषण से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम जिला प्रखंड एवं गांव के स्तर पर आयोजित होंगे । 10 सितंबर को जिला स्तर पर सभी विभागों के संबंधित पदाधिकारियों के साथ एक मी¨टग भी होगी।

11 सितंबर को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता एवं कविता पाठ का आयोजन होगा। प्रखंड स्तर पर 21 सितंबर को पोषण मेला आयोजित किया जाएगा। सितंबर महीने के चौथे सप्ताह में आंगनबाड़ी सेविका एवं आशा घर घर जाएंगी एवं महिलाओं को जागरुक करेगी। दीवार लेखन भी किया जाएगा । 28 सितंबर को आंगनबाड़ी केंद्रों के पोषक क्षेत्र में प्रभात फेरी का आयोजन होगा।

सेमिनार में सहायक समाहर्ता विवेक रंजन, अनुमंडल पदाधिकारी बेनीपुर एवं बिरौल, जिला कल्याण पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी समेत सभी सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिका एवं अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थे।

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