दरभंगा । गौड़ाबौराम अंचल कार्यालय की निष्क्रियता के कारण बिरौल से गंडौल तक निर्माणाधीन सड़क के लिए अधिग्रहण की गई भूमि के मुआवजा का भुगतान अधर में लटका हुआ है। जिससे सैकड़ों किसानों में काफी आक्रोश है। किसान सड़क निर्माण कार्य रोकने के लिए सड़क पर उतरने का मन बना लिए हैं। निर्माण कार्य शुरू होने के तीन साल बाद भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान हाटीकोठी बिरौल से गंडौल तक सहरसा को जोड़ने वाली निर्माणाधीन 13 किमी लंबी सड़क में गौड़ाबौराम एवं बिरौल अंचल के आठ मौजा के सैकड़ों किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है। सरकार द्वारा अधिकृत एजेंसी ने सामाजिक प्रभाव आकलन प्रतिवेदन भी जमा कर दिया है। किसानों को आश्वासन दिया गया कि अधिगृहित भूमि का स्वामित्व प्रमाण-पत्र व अनापत्ति प्रमाण-पत्र अंचल कार्यालय में जमा करने के बाद अंचल द्वारा भूमि के कागजात जिला भू-अर्जन कार्यालय भेजे जाएंगे। इसके बाद मुआवजा राशि का भुगतान किया जाएगा। बताया जाता है कि 3 सौ से अधिक किसानों ने भूमि स्वामित्व व अनापत्ति प्रमाण पत्र अंचल कार्यालय में महीनों पूर्व जमा कर दिया। लेकिन अंचल कार्यालय की निष्क्रियता के कारण ये कागजात जिला भू अर्जन कार्यालय भेजे नहीं गए हैं।इस कारण भुगतान लंबित है। कोठराम गांव के किसान परमानन्द ¨सह, बलराम ¨सह, लक्ष्मी साह सहित कई किसानों ने कहा कि समय से भुगतान नहीं होने पर किसान आक्रोशित होकर सड़क पर उतरने को विवश हो गए हैं। इधर सीओ मो0 शाह आलम ने बताया कि कर्मी के अभाव में कागजात जिला नहीं भेजी जा रहा है। दो तीन दिन के अन्दर जिला को कागजात भेज दिया जाएगा।

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