दरभंगा। स्थानीय सांसद गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव संजय कुमार से मिलकर शनिवार को दरभंगा में ग्रामीण तकनीकी विकास एवं प्रत्यक्षण केंद्र की स्थापना एवं अन्य कृषि संबंधित विषयों पर चर्चा की।

कहा कि मिथिला क्षेत्र में बड़े, मध्यम एवं लघु उद्योगों का काफी अभाव है। इस क्षेत्र में कृषि जीविकोपार्जन का मुख्य साधन है और कृषि उद्योगों में रोजगार की अपार संभावनाएं है। रोजगार के अभाव के कारण मिथिला में लाखों लोग दूसरे राज्यों में पलायन करते आ रहे हैं। लंबे समय तक शासन करने वाले सरकारों ने किसानों को मजदूरी करने पर मजबूर कर दिया, जिस कारण इस क्षेत्र में बेरोजगारी और गरीबी बढ़ती गई।

इस केंद्र के स्थापित हो जाने से क्षेत्र के आम लोगों विशेष रूप से युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन हो सकेगा और चूंकि यह केंद्र कृषि से संबंधित है, ऐसे में क्षेत्र के किसानों को भी इससे काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा रोजगार के अलावा ग्रामीण तकनीकी विकास एवं प्रत्यक्षण केंद्र के माध्यम से आम लोगों व किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जा सकेगा ताकि वे अपना रोजगार शुरू कर सकें।

बता दें कि पूर्व में सांसद श्री ठाकुर ने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय,पूसा समस्तीपुर के कुलपति आरसी श्रीवास्तव के साथ कृषि विकास को लेकर वार्ता की थी। इसके उपरांत विश्वविद्यालय के कुलपति ने कृषि विकास संबंधित एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर सांसद को दी थी। सांसद ने कहा कि कृषि अवशेषों का उपयोग कर रोजगार के नए अवसर उत्पन्न किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण तकनीकी विकास एवं प्रत्यक्षण केंद्र में, केले के थम्ब, धान के पुआल, अरहर के डंठल, मक्के का नेढ़ा, लीची की गुठली, हल्दी के पत्ते तथा कुछ सब्जियों के अवशेषों का उपयोग कर कई प्रकार की उपयोगी वस्तुओं का निर्माण किया जा सकेगा, जिससे किसानों की आय दोगुनी होगी।

Edited By: Jagran