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दरभंगा में शटडाउन के बावजूद करंट से बिजली मिस्त्री की मौत, विभाग पर लापरवाही का आरोप

By Mrityunjay BhardwajEdited By: Ajit kumar
Published: Wed, 15 Jul 2026 01:42 PM (IST)

दरभंगा में शटडाउन के बावजूद 11 हजार वोल्ट लाइन की मरम्मत कर रहे बिजली मिस्त्री मो. नबी हसन की करंट ...और पढ़ें

पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग। फाइल फोटो

पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग। फाइल फोटो

HighLights

  1. शटडाउन के बावजूद बिजली मिस्त्री की करंट से मौत।

  2. परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया।

  3. दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की गई।

संवाद सहयोगी, जागरण, दरभंगा। Darbhanga Electrician Death: दरभंगा में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। शटडाउन लेने के बाद 11 हजार वोल्ट लाइन की मरम्मत कर रहे एक बिजली मिस्त्री की करंट लगने से मौत हो गई।

घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।

ट्रांसफार्मर पर मरम्मत के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, मब्बी थाना क्षेत्र के शहबाजपुर करहटिया वार्ड संख्या छह निवासी स्वर्गीय इजहारुल हक के 38 वर्षीय पुत्र मो. नबी हसन बिजली विभाग में मानव बल कर्मी के रूप में कार्यरत थे।

मंगलवार देर रात वह शटडाउन लेने के बाद ट्रांसफार्मर पर चढ़कर 11 हजार वोल्ट लाइन की मरम्मत कर रहे थे। इसी दौरान अचानक बिजली आपूर्ति बहाल हो गई और वह करंट की चपेट में आकर ट्रांसफार्मर से चिपक गए।

हाइड्रोलिक मशीन से उतारा गया शव

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। काफी देर बाद हाइड्रोलिक मशीन की मदद से नबी हसन के शव को ट्रांसफार्मर से नीचे उतारा गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया।

परिवार ने लगाया विभाग पर लापरवाही का आरोप

मृतक के छोटे भाई हैदर अली ने बताया कि नबी हसन अविवाहित थे और करीब एक वर्ष से मानव बल के रूप में बिजली विभाग में कार्य कर रहे थे। परिवार का खर्च उन्हीं की आय से चलता था।

उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे के कई घंटे बाद तक बिजली विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी परिवार का हाल जानने तक नहीं पहुंचा।

जेई और लाइनमैन पर कार्रवाई की मांग

हादसे के समय नबी हसन के साथ लाइनमैन आशीष कुमार तथा मानव बल कर्मी दिलखुश कुमार और श्याम कुमार भी मौजूद थे, जो सुरक्षित हैं। स्थानीय मुखिया ने घटना को बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही बताते हुए संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) और लाइनमैन को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी नहीं दी गई तो सड़क जाम कर आंदोलन किया जाएगा।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं यह पता लगाया जा रहा है कि शटडाउन के बावजूद बिजली आपूर्ति किस स्तर पर और किसकी लापरवाही से बहाल हुई।