दरभंगा। लनामिविवि के प्रति कुलपति प्रो. जय गोपाल ने कहा कि किसी भी कार्यशाला में प्राप्त ज्ञान को छात्रों तक पहुंचाना शिक्षकों का कर्तव्य है। वे शनिवार को विवि एवं यूनिसेफ के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य प्राथमिक विद्यालय के छात्रों में गुणवत्ता का विकास करना है।इसके लिए शिक्षकों में मौलिक परिवर्तन की आवश्यकता है। इस ²ष्टि से यह कार्यशाला मील का पत्थर साबित होगी। इसके प्रतिभागी प्राथमिक शिक्षकों को प्रशिक्षण देते हैं। प्रशिक्षण के दौरान यहां सीखी हुई बातों को छात्रों को जानकारी दे सकेंगे। कुलसचिव कर्नल निशीथ कुमार राय ने कहा कि यह आयोजन पूरी तरह से सफल रहा। इसके प्रतिभागियों ने गंभीरतापूर्वक ज्ञान प्राप्त किया है। स्वयं को जाना है। इस ज्ञान का वे सही ढंग से उपयोग करेंगे, तभी कार्यशाला का उद्देश्य सफल होगा। दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के निदेशक डॉ. सरदार अर¨वद ¨सह ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण बनाने में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। शिक्षक जब तक अपने आपको नहीं समझेगें तब तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं होगी। डॉ. अब्दुल मोइन ने प्रतिभागियों की कार्य कुशलता तथा अनुशासन की चर्चा करते हुए कहा कि वह दिन दूर नहीं जब बिहार शिक्षा के मामले में पुन: अपनी गरिमामयी परंपरा को बहाल कर लेगा।

आधार पुरूष डॉ. चंदन कुमार ने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माता है। यूनिसेफ के डॉ. बसंत सिन्हा ने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए आयोजकों तथा प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रगट किया।

मौके पर पर प्रतिभागी डॉ. शैलजा, डॉ. रविन्द्र ¨सह, डॉ. गौतम, अखिलेश मिश्रा, आनंद मोहन आदि अपने-अपने अनुभवों की चर्चा की। मंच संचालन उपनिदेशक डॉ. विजय कुमार ने किया।

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Posted By: Jagran