दरभंगा। दरभंगा एयरपोर्ट के नए सिविल इनक्लेव व रनवे विस्तार को लेकर 78 एकड़ जमीन के अधिग्रहण से पहले नोडल एजेंसी आद्री ने उस क्षेत्र के सामाजिक प्रभाव के आकलन के बाद अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। कमेटी ने जो रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी है, उसके अध्ययन से यह बात सामने आई हैं कि एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण होने से इस पूरे क्षेत्र में आर्थिक क्रांति आएगी। लोगों की जीवन शैली बदलेगी। स्वास्थ्य सहित आवागमन के क्षेत्र में नए प्रयोग होंगे। उस पूरे क्षेत्र में आर्थिक संपन्नता आएगी। लोगों के आर्थिक स्वास्थ्य पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। बेरोजगार युवक छोटे व्यवसाय की शुरुआत कर सकेंगे। कर्ज लेकर आटो-रिक्शा, ट्राली वाले ट्रैक्टर खरीद कर जीविकोपार्जन कर सकेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, सभी जमीन मालिक परिवार किसी ना किसी प्रकार जमीन व खेती कार्य से जुड़े हुए हैं। परियोजना मुख्यत: अ‌र्द्धशहरी क्षेत्र में स्थित है। बावजूद 64.6 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि प्रभावित हो रही है। इसके अलावा ढ़ाचायुक्त जमीन 0.3 प्रतिशत और कृषि योग्य भूमि 34.4 प्रतिशत प्रभावित हो रही है। आद्री की रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि सभी श्रेणियों के प्रभावित परिवारों में 85.10 प्रतिशत लोग जमीन मालिक है। परियोजना से प्रभावित होने वाले कुल परिवारों में सर्वाधिक 66.6 प्रतिशत में एक ही कमाऊ सदस्य वाले परिवार है। वहीं, दो कमाऊ वाले परिवारों की संख्या 26.6 प्रतिशत है। तीन कमाऊ वाले परिवारों की संख्या 4.1 प्रतिशत है। सभी तबको को मिलाकर लगभग 26.94 प्रतिशत परिवारों की वार्षिक आय पचास हजार से लेकर एक लाख के बीच है। 52.37 प्रतिशत परिवार की आय एक लाख से दो लाख के बीच है। 10.56 प्रतिशत परिवार की आय दो से तीन लाख के बीच बताई गई है। वहीं, 9.27 प्रतिशत परिवारों की आय तीन लाख से अधिक है।

--------- 464 परिवारों ने माना- एयरपोर्ट के विस्तार से जीविका और व्यवसाय के रास्ते खुलेंगे

दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर किए जाने वाले भूमि अधिग्रहण को लेकर नोडल एजेंसी आद्री की टीम ने उस क्षेत्र के 464 परिवारों का सर्वे किया। सर्वे के दौरान 464 परिवारों ने माना कि एयरपोर्ट के विस्तार से जीविका और व्यवसाय के रास्ते खुलेंगे। इन 464 परिवारों में से 27.2 प्रतिशत परिवारों की आय का मुख्य स्त्रोत कृषि है। जबकि, 4.7 प्रतिशत परिवार ने कृषिगत श्रम को तथा 8.4 प्रतिशत कृषितर श्रम को अपनी आय का मुख्य स्त्रोत बताया। वहीं, करीब 35.6 प्रतिशत परिवारों ने आधुनिक सेवाओं जैसे टीवी मरम्मत, कंप्यूटर मरम्मत को और 6.3 प्रतिशत लोगों ने पशुपालन आदि कृषि से होने वाली आमदनी को अपनी आय बताया। 6.3 प्रतिशत परिवार व्यापार वाणिज्य पर, 1.7 प्रतिशत परिवार पारंपरिक सेवाओं पर तथा 1.7 प्रतिशत परिवार पेंशन पर निर्भर पाए गए। फील्ड टीम को साक्षात्कार देने वाले 24 बंटाईदारों की संयुक्त वार्षिक आय 24.99 लाख रुपये थी। जिसके आधार पर प्रति परिवार वार्षिक आय 1.04 लाख रुपये होती है। सबसे कम आय 1.018 लाख रुपये वासुदेवपुर मौजे में है। वहीं सर्वाधिक 1.20 लाख रुपये बेलादुल्लाह में है। वहीं, 45 खेत मजदूरों के मामले में प्रति परिवार वार्षिक आय 1.06 लाख रुपये है। -------- तीन मौजे में होना हैं जमीन का अधिग्रहण दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर तीन मौजे में 78 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इनमें वासुदेवपुर, बेला दुल्लाह और बेला नवादा मौजा शामिल है। एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर भूमि अधिग्रहण होने और एयरपोर्ट के नए सिविल इनक्लेव और रनवे विस्तार के बाद इन इलाकों में आर्थिक क्रांति आएगी। हालांकि, अभी से ही इन इलाकों में व्यवसाय का प्रचार-प्रसार होना शुरु हो गया है। लोग बड़े-बड़े गोदामों और एजेंसी का निर्माण कार्य कराने में जुट गए है। --------

Edited By: Jagran