DMCH में हर दिन पहुंच रहे 1000 वायरल संक्रमण पीड़ित, बिना डॉक्टरी सलाह न खाएं पैरासिटामोल
Viral Infection Symptoms Prevention: दरभंगा के डीएमसीएच में बदलते मौसम और गर्मी के कारण वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, दरभंगा। Dmch Darbhanga Viral Fever: बदलते मौसम और लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) में सर्दी, खांसी, बुखार और पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को ऐसे करीब 1100 मरीज इलाज के लिए पहुंचे, जिनमें से अधिकांश में चिकित्सकों ने वायरल संक्रमण के लक्षण पाए हैं। तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, लगातार उल्टी-दस्त और शरीर में पानी की कमी की शिकायत पर चिकित्सकों ने मरीजों को तुरंत चिकित्सीय परामर्श लेने की सलाह दी है।
तेज धूप से बचाव
डीएमसीएच के औषधि विभाग के डॉ. अशोक कुमार प्रसाद ने बताया कि 35 से 40 डिग्री तापमान में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। लोगों को तेज धूप में अनावश्यक निकलने से बचना चाहिए और बाहर जाते समय छतरी का उपयोग करने के साथ हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने चाहिए।
डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन जरूरी है, वहीं तेज धूप के बाद चक्कर या उल्टी आने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
खानपान में सावधानी बरतें
चिकित्सक के अनुसार इस मौसम में खुले में रखे खाद्य पदार्थ, सड़क किनारे बिकने वाले कटे फल और अस्वच्छ भोजन से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।
फलों और कच्ची सब्जियों को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें और सुपाच्य भोजन को प्राथमिकता दें। विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को इस मौसम में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
कोरोना का डर नहीं
अस्पताल में आ रहे मरीजों में सामान्य वायरल संक्रमण के लक्षण हैं, इसलिए सर्दी-खांसी और बुखार को सीधे कोरोना मानने की जरूरत नहीं है। सामान्य वायरल बुखार उचित देखभाल और डॉक्टरी सलाह से तीन से चार दिनों के भीतर ठीक हो जाता है।
मरीजों को बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक दवाओं के अनियंत्रित सेवन से बचना चाहिए और केवल डॉक्टर की लिखी दवाएं ही लेनी चाहिए।
अस्पताल में दवाएं उपलब्ध
डीएमसीएच प्रशासन के अनुसार अस्पताल में इस समय करीब 93 प्रकार की आवश्यक दवाएं और ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित है।
हायाघाट और रामभद्रपुर से इलाज कराने आए मरीजों ने बताया कि ओपीडी में जांच के बाद उन्हें सभी जरूरी दवाएं अस्पताल काउंटर से ही निश्शुल्क मिल गईं। अस्पताल प्रबंधन ने मौसम को देखते हुए ओपीडी में आने वाले मरीजों की सुचारू जांच और उपचार के निर्देश दिए हैं।
