दरभंगा। बिहार विकास मिशन के डायरेक्टर सोमेश बहादुर माथुर ने बुधवार को मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना की समीक्षा और जांच की। सुबह 11 बजे डायरेक्टर ने बीडीओ कक्ष में रामभद्रपुर और उघरा महापारा पंचायत में क्रियान्वित मुख्यमंत्री सात निश्चय के अभिलेख की जांच की। पंचायत सचिव डोमू पासवान से उघरा महापारा में क्रियान्वित तीन वार्ड में हर घर नल जल योजना के बारे में जानकारी ली। सचिव ने कहा कि उक्त पंचायत के तीन वार्ड 6, 9 और 11 में हर घर नल का जल का काम पूरा हो गया है। माथुर ने अभिलेख दिखाने को कहा। अभिलेख देखकर डायरेक्टर भौंचक रह गए। अभिलेख में न मास्टर रोल, न मापी पुस्तिका और न क्रय किए गए सामान का वाउचर संधारित था। उन्होंने एक सप्ताह में अभिलेख को संधारित करने का निर्देश दिया। उसके बाद उन्होंने कहा कि उक्त पंचायत का निरीक्षण करेंगे। टीम उघरा महापारा पंचायत का निरीक्षण करने पहुंची। सबसे पहले वार्ड 11 में जल मीनार की जांच की गई जहां मीनार के फर्श को बनाने और बो¨रग कक्ष को बनाने का निर्देश दिया गया। उसके बाद शौचालय की जांच की गई। अधिकांश लाभुक के शौचालय में गेट नहीं रहने को लेकर तत्काल उसे लगाने का निर्देश दिया। ग्रामीणों ने बताया कि इस पंचायत में बिजली नहीं है। डायरेक्टर ने बिजली विभाग के कनीय अभियंता से जानकारी ली। बताया कि इस पंचायत में विद्युत का काम चल रहा है। इस माह के अंत तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा। डायरेक्टर ने उक्त पंचायत में हर घर नल जल योजना के कार्य की सराहना की। उसके बाद जांच टीम ने रामभद्रपुर पंचायत की योजना की जांच की। जहां मुखिया समर्थक और विरोधी आपस में ही भिड़ गए। किसी प्रकार से जांच दल के साथ तैनात पुलिस बल ने मामले की रोकथाम की। मौके पर बीडीओ आनन्द प्रकाश, बिजली विभाग के कनीय अभियंता, शिव शंकर राय, मुखिया निरंजन यादव, उज्जवल कुमार आदि मौजूद थे।

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