दरभंगा । अलीनगर प्रखंड को अस्तित्व में आए ढाई दशक हो गए, लेकिन आज तक अपना बीईओ नसीब नहीं हुआ। इसके कारण लगातार उधार के बीईओ के सहारे यहां की शिक्षा व्यवस्था रेंगती रही है। नतीजतन शिक्षक से लेकर आम लोगों को इसके कारण बराबर ही समस्याएं झेलनी पड़ रही है। उल्लेखनीय है कि 33 पंचायतों की बेनीपुर प्रखंड से सुविधाओं को देखते हुए मई 1992 में अलीनगर को अलग से प्रखंड बनाए जाने के बाद यहां के लोगों में विभिन्न सुविधाओं की उम्मीदें जगने लगी थी। हालांकि प्रखंड, अंचल और बाल विकास परियोजना कार्यालय के आरंभ होने के बाद 1995 में बहेड़ा थाना के अंतर्गत अलीनगर में पुलिस चौकी भी खुल गई। इससे क्षेत्र के लोगों में काफी खुशी थी। लोगों को इसका लाभ भी मिलने लगा। लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में यह इलाका दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है। बता दें कि अलीनगर में हमेशा से उधार के अधिकारी के तौर पर लंबे समय तक लगातार बेनीपुर के बीईओ अतिरिक्त प्रभार में रहे। इसके बाद तो कभी दरभंगा सदर, कभी बहादुरपुर और कभी तारडीह तो कभी किरतपुर और घनश्यामपुर के बीईओ भी यहां के प्रभार में रह चुके हैं। वर्तमान में भी दरभंगा सदर के बीईओ प्रभार में हैं, जो सप्ताह में तीन दिन अलीनगर आते है। इस तरह स्थाई अधिकारी नसीब नहीं होने के कारण यहां की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता मिशन भगवान भरोसे ही चल रही है।

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Posted By: Jagran

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