दरभंगा । पूर्व व वर्तमान के चुनाव में तो काफी अंतर आ गया है। कुछ कमी आई है, तो बहुत सी अच्छी बातें भी हुई है। वर्तमान में चुनाव की प्रक्रिया बेहतर हुई है। आधुनिक सिस्टम आने से किसी का मत कोई नहीं दे पाता है। साथ ही जबरन बूथ कब्जा भी नहीं हो पाता है। शिक्षा का विकास होने से लोग मताधिकार के प्रति जागरूक भी अधिक हुए है। हां, अब प्रत्याशियों का व्यक्तित्व मायने नहीं रखता है। इससे साफ छवि वाले लोगों का रूझान राजनीति के क्षेत्र में कम हो गया है। अपने पुराने दिनों को याद करते हुए ये बातें रहमगंज निवासी 79 वर्षीय सत्यनारायण प्रसाद ने बताई। कहा कि घर पर जाकर आमजन से प्रत्याशियों के मिलने का सिलसिला तो पूर्व से चलता आ रहा है। लेकिन, इसमें भी अंतर आ गया है। पहले प्रत्याशी सादगी से जाकर मिलते थे। अब ताम-झाम के साथ मिलते है। कहते हैं कि पूर्व में जब मैं गांव में रहता था, तो देखता था कि कुछ दबंग तरह के लोग वोट दिलवाने का ठेका लेते थे। समय के साथ यह कम होता गया। अब लगभग यह सिस्टम खत्म हो गया है।

दैनिक जागरण सत्यनारायण प्रसाद के लंबी उम्र की कामना करता है।

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Posted By: Jagran