दरभंगा । सकरी चीनी मिल को घाटे में दिखाकर 1993 में बंद कर दिया गया। 26 वर्षों में सरकारें तो बदली पर बंद पड़े चीनी मिल की फाटक नहीं खुली। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार ने मिल को लीज पर देकर चलाने की कोशिश तो पर मकसद पूरा नहीं किया जा सका। दैनिक जागरण ने इस मुद्दे को 4 अप्रैल के अंक में प्रमुखता से स्थान दिया। किसानों और कर्मियों के दर्द को आवाज दी। इस संबंध में जवाबदेह पार्टी व प्रत्याशी से उनकी प्रतिक्रिया ली गई। राजद व भाजपा प्रत्याशी ने इस मुद्दे पर अपना सकारात्मक रूख दिखाया। दरभंगा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से महागठबंधन के राजद से प्रत्याशी अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि महागठबंधन बंद पड़े दरभंगा एवं मधुबनी जिला के सकरी, रैयाम और लोहट चीनी मिल को चुनावी मुद्दा बनाएगी। अपनी पार्टी के ²ष्टिकोण पर चर्चा करते हुए कहा कि बंद चीनी मिलों के अलावा अशोक पेपर मिल को सरकार बनने पर प्राथमिकता के आधार पर चालू किया जाएगा। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के हर मुमकिन साधन उपलब्ध किए जाएंगे। शुरू से ही यह हमारी पार्टी के विजन डॉक्यूमेंट में रहा है। चीनी मिलों के चालू होने से दरभंगा, मधुबनी जिला के लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिलेगा। राजग की ओर से भाजपा प्रत्याशी गोपालजी ठाकुर ने कहा कि संपूर्ण मिथिलाचंल एवं दरभंगा के विकास के लिए एनडीए सरकार प्रतिबद्ध है। मिथिला का विकास एनडीए ने किया है और आगे भी एनडीए ही करेगी। एनडीए सरकार ने मिथिला के विकास के लिए हर क्षेत्र में काम किया है। चाहे दरभंगा से हवाई यातायात सुविधा बहाल करना हो। मिथिला की पहचान पाग पर डाक टिकट जारी करनी हो, मिथिला पेंटिग विकास के लिए सौराठ में संस्थान की स्थापना करनी हो, युवाओं को तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पूरे मिथिला में इंजीनियरिग कॉलेज एवं मेडिकल कॉलेज के स्थापना की बात हो, मिथिलाक्षर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पांडुलिपि केंद्र स्थापना की बात हो, एनडीए ने हर क्षेत्र में काम किया है। लाखों लोगों के रोजी-रोटी से जुड़े सकरी, रैयाम एवं लोहट चीनी मिलो को प्राथमिकता के आधार पर हर हाल में चालू किया जाएगा।

Posted By: Jagran