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दरभंगा में पानी के नाम पर करोड़ों की बंदरबांट? RTI खुलासे से मचा हड़कंप

Published: Fri, 29 May 2026 05:25 PM (IST)

दरभंगा में 405 सरकारी नलकूपों में से 291 बंद पड़े हैं, जबकि उनके जीर्णोद्धार के लिए पंचायतों को करोड़ों रुपये ...और पढ़ें

देकुली में बद पड़ा सरकारी नलकूप। जागरण

देकुली में बद पड़ा सरकारी नलकूप। जागरण

HighLights

  1. दरभंगा में 405 में से 291 सरकारी नलकूप बंद पड़े हैं।

  2. नलकूपों के जीर्णोद्धार हेतु पंचायतों को 7.96 करोड़ रुपये मिले।

  3. राशि का उपयोग कागजों पर, किसान महंगे सिंचाई को मजबूर।

जागरण संवाददाता, दरभंगा । दरभंगा जिले में सिंचाई सुविधा कम खर्च पर उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने विभिन्न चरणों में 405 राजकीय नलकूप लगाने का काम किया था। इसमें 114 राजकीय नलकूप चालू अवस्था में है।

जबकि 291 नलकूप यांत्रिकी गड़बड़ी, विद्युत दोष, उचित रखरखाव के अभाव, संबंधित कर्मियों की कमी व अन्य त्रुटियों के चलते बंद है।

इसे चालू कराने के लिए लघु जल संसाधन विभाग ने 22 करोड़ 54 लाख 20 हजार 038 रुपये का प्राक्कलन तैयार कराया था। इस आलोक में लघु सिंचाई प्रमंडल, दरभंगा के कार्यपालक अभियंता ने नलकूपों को चालू करवाने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत के मुखिया के खाता में दो चरणों में सात करोड़, 96 लाख, 67 हजार, 682 रुपये स्थानांतरित किया।

लेकिन, यह राशि मुखिया, पंचायत सचिव, संवेदक आदि के मिलीभगत से कागज पर ही कार्य कर लिया गया। अगर इस राशि की धरातल पर गुणवत्ता के साथ उपयोग किया जाता तो कम से कम 20 हजार हेक्टेयर जमीन में किसान सुलभ ढंग सिंचाई करते।

लेकिन, नलकूप बदहाल रहने से किसानों को प्रति कट्ठा सिंचाई करने के लिए 125-150 रुपये चर्च करना पड़ रहा है। मानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार चौधरी को सूचना के अधिकार के तहत लघु सिंचाई प्रमंडल दरभंगा ने इस आंकड़े की जानकारी दी है, जो जमीनी स्तर और भौतिक सत्यापन में काफी अंतर है।

इसे लेकर बिठौली के कृषक दिवाकर राय का कहना है कि राजकीय नलकूपों को चालू कराने के लिए सरकार को अविलंब ठोस कार्रवाई करने की जरूरत है।

पघारी के बद्रीनारायण चौधरी का मानना है कि राजकीय नलकूपों से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में सार्थक प्रयास यही होगा कि ग्राम पंचायतों की जगह विभाग अपने स्तर से इसे चालू कराने का काम करें।

101 नलकूप को बंद मान रहा विभाग

कार्यपालक अभियंता सुबोध कुमार ने जिले में 405 में 273 राजकीय नलकूपों को चालू हालत में बताया है। जबकि, 101 नलकूप को बंद और 31 को परित्यक्त घोषित किया है।

बंद 101 में 66 के लिए ग्राम पंचायत के खाते में राशि हस्तांतरित है, जिनका जीर्णोद्धार कार्य ग्राम पंचायत के माध्यम से कराया जा रहा है। शेष 35 का प्राक्कलन विभाग को भेजा गया है।

विभाग से प्रशासनिक स्वीकृति एवं आवंटन मिलने पर शीघ्र चालू करा दिया जाएगा। जिन नलकूपों पर ग्राम पंचायत को राजकीय नलकूप के जीर्णोद्धार कार्य के लिए राशि हस्तांतरित है, उसमें से कई नलकूपों का ग्राम पंचायत कार्य कराकर उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं दिया है। उपयोगिता प्रमाणपत्र मिलते ही अगली किस्त की राशि दी जाएगी। आवंटन पर बंद नलकूपों को शीघ्र चालू करा दिया जाएगा।