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दरभंगा, मधेपुर और बेरिया को जोड़ेगा नया फोरलेन, सुपौल तक मिलेगी रफ्तार

Published: Sun, 12 Jul 2026 05:02 PM (IST)

दरभंगा से सुपौल तक 80 किलोमीटर लंबे फोरलेन के लिए डीपीआर प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह सड़क दरभंगा, मधुबनी ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

जागरण संवाददाता, दरभंगा। उत्तर बिहार की सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दरभंगा से सुपौल तक प्रस्तावित 80 किलोमीटर लंबे फोरलेन के लिए डीपीआर तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

यह सड़क बनने के बाद दरभंगा, मधुबनी और सुपौल के बीच सफर  भी आसान होगा, व्यापार और विकास को भी नई गति मिलेगी।

डीपीआर के लिए शुरू हुई निविदा प्रक्रिया

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने दरभंगा-सुपौल प्रस्तावित फोरलेन परियोजना के लिए डीपीआर तैयार कराने की दिशा में निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इस परियोजना की अनुमानित लंबाई करीब 80 किलोमीटर होगी। डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना के निर्माण की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

मधेपुर और बेरिया होकर जुड़ेगा मार्ग

प्रस्तावित फोरलेन दरभंगा को मधुबनी जिले के मधेपुर और सुपौल जिले के बेरिया के रास्ते जोड़ेगा। इस मार्ग के विकसित होने से तीनों जिलों के बीच सड़क संपर्क पहले से अधिक सुगम और तेज हो जाएगा। इससे यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

नौ माह में तैयार होगी विस्तृत रिपोर्ट

एनएचएआई के अनुसार चयनित एजेंसी को नौ माह के भीतर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर सौंपना होगा। इस दौरान सड़क की व्यवहार्यता, संभावित रूट, भूमि अधिग्रहण, छोटे-बड़े पुल और पुलियों की आवश्यकता, यातायात का दबाव, पर्यावरणीय प्रभाव और परियोजना की अनुमानित लागत सहित सभी तकनीकी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।

यात्रा के साथ कारोबार को भी मिलेगी रफ्तार

फोरलेन बनने से दरभंगा, मधुबनी और सुपौल के बीच यात्रा का समय कम होगा। बेहतर सड़क संपर्क से कृषि उत्पादों, व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक परिवहन को भी गति मिलेगी। इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नया आधार मिलने की संभावना है।

लोगों की बढ़ी उम्मीदें

लंबे समय से इस मार्ग के चौड़ीकरण और बेहतर सड़क संपर्क की मांग उठती रही है। अब डीपीआर की प्रक्रिया शुरू होने से लोगों में उम्मीद जगी है कि परियोजना जल्द धरातल पर उतरेगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि फोरलेन बनने से उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और विकास के नए अवसर पैदा होंगे।