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दरभंगा में कमाल, छात्रों ने बनाई 'स्मार्ट छड़ी', अब पहले ही बताएगी खतरा

Published: Sun, 12 Jul 2026 04:30 PM (IST)

Smart Blind Stick : दरभंगा के दो छात्रों ने रोबोटिक्स और एआई की मदद से 'स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक' बनाई है, ...और पढ़ें

छात्र उत्तम कुमार और सचिन कुमार ने दृष्टिबाधित लोगों की सुविधा के लिए स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक तैयार की।

छात्र उत्तम कुमार और सचिन कुमार ने दृष्टिबाधित लोगों की सुविधा के लिए स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक तैयार की।

संवाद सहयोगी, हनुमाननगर (दरभंगा)। Assistive Technology for Blind : दरभंगा के दो छात्रों ने तकनीक का ऐसा प्रयोग किया है, जो हजारों दृष्टिबाधित लोगों का सफर सुरक्षित बना सकता है।

रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार की गई 'स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक' रास्ते में आने वाले अवरोध का पहले ही संकेत देकर दुर्घटनाओं से बचाने का काम करेगी।

नौवीं के छात्रों का अनोखा नवाचार

प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय मोरो के छात्रों ने तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ग नौ के छात्र उत्तम कुमार और सचिन कुमार ने दृष्टिबाधित लोगों की सुविधा के लिए स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक तैयार की है।

प्रधानाध्यापक जितेन्द्र कुमार के मार्गदर्शन में विकसित यह परियोजना विद्यालय में चल रही रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई का परिणाम है।

खतरे से पहले करेगी सतर्क

छात्रों द्वारा तैयार की गई यह स्मार्ट स्टिक चलते समय सामने आने वाली किसी भी बाधा का पहले ही पता लगा लेती है। जैसे ही रास्ते में कोई अवरोध आता है, स्टिक में लगा सेंसर सक्रिय हो जाता है और बजर ध्वनि संकेत देकर उपयोगकर्ता को तुरंत सतर्क कर देता है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका काफी हद तक कम हो सकती है।

सेंसर और आर्डिनो से तैयार हुई तकनीक

छात्रों ने बताया कि स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक के निर्माण में एलडीआर सेंसर, आर्डिनो बोर्ड और बजर का इस्तेमाल किया गया है। सेंसर से प्राप्त संकेत को आर्डिनो प्रोसेस करता है और बजर के माध्यम से उपयोगकर्ता तक चेतावनी पहुंचती है। कम लागत में तैयार यह मॉडल तकनीक के बेहतर उपयोग का उदाहरण है।

स्कूल में मिल रही आधुनिक तकनीकी शिक्षा

प्रधानाध्यापक जितेन्द्र कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग की पहल पर विद्यालय में रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई शुरू हो चुकी है। आईएसएम लैब के तहत उपलब्ध रोबोटिक्स किट और विभिन्न सेंसरों की मदद से विद्यार्थी सामाजिक समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित कर रहे हैं।

अब आएंगी और भी नई परियोजनाएं

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक सौरभ सुमन से प्राप्त प्रशिक्षण का लाभ छात्रों को दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि विद्यार्थी नवाचार की दिशा में लगातार बेहतर कार्य कर रहे हैं।

आने वाले दिनों में कई और उपयोगी परियोजनाएं प्रस्तुत की जाएंगी। इस उपलब्धि से विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों में उत्साह का माहौल है।