दरभंगा में जमुई जैसी शर्मनाक हरकत: स्कूल जा रही छात्रा का दुपट्टा खींचा, पुलिस ने 2 मनचलों को दबोचा
दरभंगा में एक छात्रा को परीक्षा जाते समय बाइक से जबरन ले जाने की कोशिश की गई, जिसमें पुलिस ने ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
दरभंगा में परीक्षा देने जा रही छात्रा के अपहरण का प्रयास।
पुलिस ने एक आरोपित और एक किशोर को किया गिरफ्तार।
एसएसपी ने जमुई वीडियो प्रसारित करने पर सख्त चेतावनी दी।
जागरण संवाददाता, गौड़ाबौराम (दरभंगा)। जमालपुर थाना क्षेत्र के किरतपुर अस्पताल के समीप अर्धवार्षिक परीक्षा देने जा रही छात्रा को बाइक से जबरन ले जाने की कोशिश की गई। मामले में पुलिस ने एक आरोपित और एक किशोर को पकड़ा है।
थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि आरोपितों में किरतपुर गांव निवासी राजू सदा और एक किशोर शामिल है। राजू सदा को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि किशोर को पर्यवेक्षण गृह में उपस्थापित कराया गया।
शोर मचाने पर जुटे लोग
बताया गया कि छात्रा परीक्षा देने जा रही थी। इसी दौरान दोनों आरोपितों ने उसे जबरन बाइक पर बैठा लिया और अपने साथ ले जाने लगे। छात्रा ने शोर मचाना शुरू किया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों को आता देख दोनों आरोपितों ने छात्रा को बाइक से नीचे गिरा दिया और वहां से फरार हो गए। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बाइक को जब्त कर लिया है।
किशोरी का वीडियो प्रसारित करने पर कार्रवाई
इधर, जमुई जिले में किशोरी के साथ अश्लील हरकत और छेड़खानी से जुड़े संवेदनशील वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किए जाने के मामले को लेकर दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने सख्त निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा कि पीड़िता का वीडियो शेयर करना, उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाना या पहचान उजागर करना कानूनन अपराध है।
नाम-पता सार्वजनिक नहीं करने की अपील
एसएसपी ने कहा कि व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत किसी भी इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर ऐसे वीडियो को शेयर, कापी-पेस्ट या फारवर्ड नहीं किया जाए। यदि किसी व्यक्ति के पास ऐसा वीडियो पहुंचा है तो उसे तत्काल डिलीट कर देना चाहिए। किशोरी का नाम, पता, स्कूल अथवा परिवार से जुड़ी जानकारी भी सार्वजनिक नहीं करने की अपील की गई है।
साइबर सेल की नजर, 112 पर दें सूचना
पुलिस के अनुसार ऐसे वीडियो को लाइक, कमेंट या फारवर्ड करना भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है। एसएसपी ने बताया कि साइबर सेल इंटरनेट मीडिया पर लगातार निगरानी कर रही है।
ऐसे किसी वीडियो के प्रसारण की जानकारी मिलने पर 112 या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना देने की अपील की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किशोरियों की सुरक्षा और उनकी पहचान की गोपनीयता से जुड़े मामलों में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
