दरभंगा में रोचक मामला, थाने में घुसकर कहा-थानेदार हैं तो क्या हुआ, एससी-एसटी लगवा देंगे
दरभंगा के बहेड़ी थाने में तीन लोगों ने थानाध्यक्ष के कार्यालय में घुसकर हंगामा किया और एससी-एसटी एक्ट में फंसाने ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। (फोटो-AI)
पंचायत सूत्र, बहेड़ी (दरभंगा)। बिहार में दरभंगा जिले के बहेड़ी थाना परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब तीन लोगों ने कथित तौर पर थानेदार के कार्यालय में घुसकर हंगामा किया।
साथ एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी देते हुए धक्का-मुक्की तक कर दी। घटना के बाद आरोपित मौके से फरार हो गए। मामले को लेकर थानाध्यक्ष सूरज कुमार गुप्ता ने तीन लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है।
कार्यालय में घुसकर शुरू किया हंगामा
प्राथमिकी के अनुसार, 14 जून की शाम बघौनी गांव निवासी कुमुद रंजन उर्फ कुमुद राम जबरन थानाध्यक्ष के कार्यालय में घुस गया। आरोप है कि उसने अपनी जाति का धौंस दिखाते हुए एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज कराने की धमकी दी और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की।
वीडियो को लेकर भड़का विवाद
थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस की छवि धूमिल करने वाले एक कथित अश्लील वीडियो के संबंध में जानकारी लेने पर कुमुद रंजन आक्रोशित हो गया। इसके बाद उसने गाली-गलौज शुरू कर दी और थाने के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।
पिता और भाई को भी बुलाया
स्थिति बिगड़ती देख आरोपित ने अपने भाई प्रिय रंजन राम और पिता महेंद्र राम को भी थाने बुला लिया। आरोप है कि दोनों ने भी पुलिस पदाधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। थानाध्यक्ष के अनुसार, समझाने की कोशिश के बावजूद तीनों शांत नहीं हुए।
पुलिस पदाधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की
प्राथमिकी में कहा गया है कि तीनों आरोपितों ने कार्यालय में रखे कागजात फेंक दिए और पुलिस पदाधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की। इस दौरान थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों और पदाधिकारियों ने स्थिति संभालने का प्रयास किया।
पहले भी दर्ज हैं कई मामले
थानाध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि संबंधित लोगों के विरुद्ध पूर्व में भी पुलिस पदाधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार और अमर्यादित व्यवहार के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब प्राथमिकी दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
