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दरभंगा के किसान ध्यान दें, जमीन पर कब्जा नहीं, कागजात बताएंगे कौन है असली रैयत

Published: Thu, 03 Sep 2026 03:37 PM (IST)

दरभंगा के बिरौल प्रखंड में भूमि सर्वे तेजी से चल रहा है, जिसमें किश्तवार प्रक्रिया से प्लाट चिह्नित किए जा ...और पढ़ें

किश्तवार प्रक्रिया के तहत प्लाट चिह्नित करते सर्वे कर्मी व मौजूद रैयत। जागरण।

किश्तवार प्रक्रिया के तहत प्लाट चिह्नित करते सर्वे कर्मी व मौजूद रैयत। जागरण।

HighLights

  1. बिरौल में भूमि सर्वे का काम तेजी से जारी है।

  2. किश्तवार प्रक्रिया के तहत प्लाटों की पहचान हो रही।

  3. केवल कब्जे से नहीं, कागजात से तय होगा मालिकाना हक।

संवाद सहयोगी, बिरौल (दरभंगा)।  बिहार में दरभंगा जिले के बिरौल प्रखंड क्षेत्र में भूमि सर्वे का काम तेजी से चल रहा है। किश्तवार प्रक्रिया के तहत एक-एक प्लाट की पहचान कर उसे चिह्नित किया जा रहा है।

38 मौजा में चल रहे सर्वे के तहत अब तक 20 मौजा में प्लाट चिह्नित करने का काम पूरा हो चुका है, जबकि 18 मौजा में प्रक्रिया जारी है। सर्वे के दौरान जमीन पर किसका दखल-कब्जा है, इसकी जानकारी भी दर्ज की जा रही है।

हालांकि, किसी जमीन पर कब्जा होने मात्र से कब्जाधारी को रैयत नहीं माना जाएगा। कागजात के सत्यापन के बाद ही वास्तविक रैयत की स्थिति स्पष्ट होगी।

सर्वे अधिकारी सह सर्वे प्रभारी मोहम्मद मेहबूब ने बताया कि प्रथम चरण में किश्तवार प्रक्रिया के तहत प्रत्येक प्लाट को चिह्नित किया जा रहा है। इसके साथ ही मौके पर जमीन की स्थिति और दखल-कब्जे से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।

प्रथम चरण में एकत्र किए गए आंकड़ों के बाद दूसरे चरण में जमीन के कागजात का मिलान और सत्यापन किया जाएगा। कागजात के आधार पर यह स्पष्ट किया जाएगा कि संबंधित प्लाट का वास्तविक रैयत कौन है।

इसलिए जमीन पर दखल रखने वाले लोगों के नाम मात्र कब्जे के आधार पर जमीन दर्ज नहीं की जाएगी। सर्वे की अगली प्रक्रिया में राजस्व अभिलेख और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।

हर प्लाट तक पहुंच रहे सर्वे कर्मी

अमीन शिवम कुमार ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार लगातार रैयतों से संपर्क किया जा रहा है। सर्वे कर्मी हर प्लाट तक पहुंचकर जमीन की पहचान कर रहे हैं और मौके की स्थिति दर्ज कर रहे हैं। रैयतों से भी जमीन से संबंधित आवश्यक जानकारी ली जा रही है।

रैयतों की बढ़ी सक्रियता 

भूमि सर्वे शुरू होने के बाद किसान और रैयत भी अपने-अपने खेतों में पहुंच रहे हैं। प्लाट की सही पहचान कराने के साथ जमीन से जुड़े कागजात की जानकारी उपलब्ध कराने में रैयत सर्वे कर्मियों का सहयोग कर रहे हैं।

सर्वे की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ जमीन के दखल-कब्जे और वास्तविक रैयत से जुड़ी स्थिति कागजात के सत्यापन के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है।