ऑनलाइन हुए कागज, जमीन की समस्या जस की तस, दरभंगा अपलोड आवेदनों के समाधान का इंतजार
दरभंगा में राजस्व महाअभियान के तहत जमीन संबंधी आवेदनों की स्कैनिंग और अपलोडिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन उनके निष्पादन ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई।
HighLights
राजस्व महाअभियान के तहत आवेदनों के निष्पादन में धीमी गति।
उत्तराधिकार और बंटवारा संबंधी मामलों में सबसे अधिक देरी।
रैयतों को समाधान के लिए अंचल कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे।
जागरण संवाददाता, दरभंगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से चलाए गए राजस्व महाअभियान के तहत जिले में शिविर लगाकर जमीन के रिकार्ड और जमाबंदी में सुधार के लिए बड़ी संख्या में आवेदन लिए गए थे। लेकिन, आवेदन जमा होने के बाद भी इनके निष्पादन की गति धीमी है।
इससे रैयतों को अपनी जमीन से जुड़े मामलों के समाधान के लिए अंचल कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अभियान के दौरान नाम सुधार, उत्तराधिकार, बंटवारा नामांतरण और छूटी हुई जमाबंदी को आनलाइन करने सहित विभिन्न मामलों के आवेदन लिए गए थे।
अब तक सभी आवेदनों की दस्तावेजों की स्कैनिंग और पोर्टल पर अपलोडिंग का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। हालांकि, रैयतों का कहना है कि आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ने और वास्तविक समस्या का समाधान होने में देरी हो रही है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से यह विशेष अभियान 11 से 17 जून 2025 तक सभी अंचलों में चलाया गया था। इसका उद्देश्य जमाबंदी में त्रुटि सुधार और दाखिल-खारिज से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन करना था।
विभाग ने पूर्व में इन आवेदनों के निष्पादन के लिए 31 मार्च 2026 तक का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके बावजूद अपेक्षित गति नहीं आने के बाद महाअभियान के माध्यम से लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रमंडल स्तर पर गठित सेल के माध्यम से प्रतिदिन कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली जा रही है। कार्य में लापरवाही की शिकायत मिलने पर विभाग और जिला प्रशासन की ओर से कई स्थानों पर सख्ती भी बरती गई है तथा लापरवाह कर्मियों पर निलंबन जैसी कार्रवाई की गई है। इसके बावजूद कई रैयतों को अब भी राहत का इंतजार है।
उत्तराधिकार और बंटवारा के आवेदनों में आ रही परेशानी
उत्तराधिकारनामा और आपसी बंटवारा मसे संबंधित आवेदनों में सबसे अधिक परेशानी हो रही है। शहरीकरण और जमीन की बढ़ती कीमतों के कारण दरभंगा सदर, बहादुरपुर और जाले प्रखंडों में पारिवारिक बंटवारे और जमीन के रिकार्ड में गड़बड़ी से संबंधित शिकायतें सबसे अधिक सामने आ रही हैं।
इन मामलों के लंबित रहने से रैयतों को जमीन की खरीद-बिक्री, नामांतरण और अन्य कार्यों में परेशानी हो रही है। बिरौल प्रखंड के नारायणपुर गांव निवासी रैयत गुणेश्वर प्रसाद कर्ण ने बताया कि उन्होंने राजस्व महाअभियान के दौरान जमाबंदी में त्रुटि सुधार और अन्य मामलों के लिए आवेदन किया था। जिसका एक माह पहले मैसेज प्राप्त हुआ, लेकिन अब तक किसी प्रकार का सुधार नहीं हुआ है।
प्रभात रंजन ने बताया कि उनके पिता के नाम से जमाबंदी कायम है। पिता की मृत्यु के बाद उत्तराधिकार के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक उस पर कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं उमाशंकर कुंवर ने बताया कि उन्होंने बंटवारा नामांतरण के लिए आवेदन किया था और आवेदन से संबंधित मैसेज भी मिला, लेकिन आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
उतराधिकारनामा और आपसी बंटवारा के आवेदन निष्पादन में कठिनाईयां आ रही है। अधिक आवेदन में पूर्वजों के जमाबंदी में खाता, खेसरा अद्यतन नहीं है। रैयत पूरी कागजात के साथ सबंधित अंचल कार्यालय में अंचालाधिकारी से मिलकर पूरी कागजात जमा कर आपसी बटाबारा और उतराधिकारनामा का काम करा सकते है।
मनोज कुमार - अपर समाहार्ता, राजस्व, दरभंगा
