काम दिलाने के बहाने लड़की को बेचा, दरभंगा से बंगाल के रेड लाइट एरिया तक पहुंचा तस्करी का नेटवर्क
मानव तस्करी मामले में दरभंगा पुलिस ने किशनगंज से एक और आरोपी मो. सैद अली उर्फ सजाद आलम को गिरफ्तार ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
मानव तस्करी मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार।
किशनगंज से मो. सैद अली उर्फ सजाद आलम दबोचा गया।
दरभंगा से लापता किशोरी पश्चिम बंगाल में बेची गई थी।
जागरण. संवाददाता, दरभंगा । पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के गोलपोखर थानाक्षेत्र के पंजिपारा स्थित रेड लाइट एरिया से बरामद किशोरी से जुड़े मानव तस्करी मामले में भालपट्टी थाने की पुलिस ने गुरुवार को एक और आरोपित को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने किशनगंज जिले में छापेमारी कर आरोपित को दबोचा। उसके खिलाफ मानव तस्करी, नाबालिगों के शोषण, अपहरण सहित अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
तकनीकी सेल की मदद से गिरफ्तारी
थानाध्यक्ष धर्मानंद कुमार ने बताया कि तकनीकी सेल की मदद से बहादुरगंज थानाक्षेत्र के महादेव दिग्घी बिशनपुर निवासी मो. सैद अली उर्फ सजाद आलम को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
दो किशोरियां हुई थीं लापता
भालपट्टी थानाक्षेत्र से 13 जनवरी 2025 को दो किशोरियां लापता हुई थीं। मामले में 18 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही दोनों को दरभंगा से मुजफ्फरपुर और फिर मोतिहारी ले जाया गया। वहां एक महिला ने एक किशोरी को 70 हजार रुपये में पूर्णिया के एक व्यक्ति के हाथों बेच दिया।
काम दिलाने के बहाने बंगाल ले गए
पुलिस के अनुसार, सिलाई की दुकान में काम दिलाने का झांसा देकर किशोरी को 18 जनवरी 2025 को चारपहिया वाहन से पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के गोलपोखर थानाक्षेत्र के पंजिपारा ले जाया गया। वहां उसे आगे बेच दिया गया।
छापेमारी में तीन किशोरियां मिलीं
गोलपोखर थाने की पुलिस ने 15 सितंबर 2025 को गुप्त सूचना के आधार पर पंजिपारा स्थित ठिकाने पर छापेमारी की। वहां से दरभंगा की किशोरी समेत तीन किशोरियों को बरामद किया गया। इनमें पटना और उत्तर प्रदेश की किशोरियां भी शामिल थीं। मामले में पंजिपारा की हाफिजा खातून, मो. शाहजहां और पूर्णिया निवासी सैफुद्दीन को गिरफ्तार किया गया था।
दूसरी किशोरी भी बरामद
पुलिस कार्रवाई के बाद बरामद किशोरी को बाल कल्याण समिति के माध्यम से 16 अक्टूबर 2025 को स्वजन के सुपुर्द किया गया। इसके बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की जांच शुरू की।
करीब तीन माह पहले दूसरी लापता किशोरी को पूर्णिया से बरामद किया गया। पूछताछ में सामने आए नामों के आधार पर पुलिस अब तस्करी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी में जुटी है। मामले में किशोरियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
दरभंगा। पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के गोलपोखर थानाक्षेत्र के पंजिपारा स्थित रेड लाइट एरिया से बरामद किशोरी से जुड़े मानव तस्करी मामले में भालपट्टी थाने की पुलिस ने गुरुवार को एक और आरोपित को गिरफ्तार किया। पुलिस ने किशनगंज जिले में छापेमारी कर आरोपित को दबोचा। उसके खिलाफ मानव तस्करी, नाबालिगों के शोषण, अपहरण सहित अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
तकनीकी सेल की मदद से गिरफ्तारी
थानाध्यक्ष धर्मानंद कुमार ने बताया कि तकनीकी सेल की मदद से बहादुरगंज थानाक्षेत्र के महादेव दिग्घी बिशनपुर निवासी मो. सैद अली उर्फ सजाद आलम को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
दो किशोरियां हुई थीं लापता
भालपट्टी थानाक्षेत्र से 13 जनवरी 2025 को दो किशोरियां लापता हुई थीं। मामले में 18 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही दोनों को दरभंगा से मुजफ्फरपुर और फिर मोतिहारी ले जाया गया। वहां एक महिला ने एक किशोरी को 70 हजार रुपये में पूर्णिया के एक व्यक्ति के हाथों बेच दिया।
काम दिलाने के बहाने बंगाल ले गए
पुलिस के अनुसार, सिलाई की दुकान में काम दिलाने का झांसा देकर किशोरी को 18 जनवरी 2025 को चारपहिया वाहन से पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के गोलपोखर थानाक्षेत्र के पंजिपारा ले जाया गया। वहां उसे आगे बेच दिया गया।
छापेमारी में तीन किशोरियां मिलीं
गोलपोखर थाने की पुलिस ने 15 सितंबर 2025 को गुप्त सूचना के आधार पर पंजिपारा स्थित ठिकाने पर छापेमारी की। वहां से दरभंगा की किशोरी समेत तीन किशोरियों को बरामद किया गया। इनमें पटना और उत्तर प्रदेश की किशोरियां भी शामिल थीं। मामले में पंजिपारा की हाफिजा खातून, मो. शाहजहां और पूर्णिया निवासी सैफुद्दीन को गिरफ्तार किया गया था।
दूसरी किशोरी भी बरामद
पुलिस कार्रवाई के बाद बरामद किशोरी को बाल कल्याण समिति के माध्यम से 16 अक्टूबर 2025 को स्वजन के सुपुर्द किया गया। इसके बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की जांच शुरू की। करीब तीन माह पहले दूसरी लापता किशोरी को पूर्णिया से बरामद किया गया। पूछताछ में सामने आए नामों के आधार पर पुलिस अब तस्करी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी में जुटी है। मामले में किशोरियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
