दरभंगा में 15 साल की बेटी की जबरन शादी का आरोप, पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल
दरभंगा के कुशेश्वरस्थान में एक नाबालिग बेटी के अपहरण और जबरन शादी के आरोप में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर ...और पढ़ें

इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
कुशेश्वरस्थान में नाबालिग बेटी के अपहरण का आरोप।
पुलिस पर जबरन शादी मामले में लापरवाही का आरोप।
पिता ने वरीय पुलिस अधीक्षक से जांच की मांग की।
संवाद सहयोगी, कुशेश्वरस्थान (दरभंगा)। नाबालिग बेटी के अपहरण और जबरन विवाह के आरोप ने कुशेश्वरस्थान में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़िता के पिता ने वरीय पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि पुलिस की कथित लापरवाही से आरोपितों को लाभ पहुंच रहा है और परिवार पर मामला खत्म करने का दबाव बनाया जा रहा है।
15 वर्षीया बेटी के अपहरण का आरोप
मामला कुशेश्वरस्थान थाना कांड संख्या 219/26 से जुड़ा है। पिता ने 15 वर्षीया बेटी के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आवेदन में आशीष यादव, माधव यादव, विजय यादव समेत अन्य पर नाबालिग का अपहरण कर जबरन विवाह कराने का आरोप लगाया गया है।
कोर्ट में बयान को लेकर सवाल
पिता का आरोप है कि सात अगस्त को बिरौल कोर्ट में पीड़िता का बयान आरोपितों की मौजूदगी में दर्ज कराया गया। अधिवक्ताओं की ओर से आपत्ति जताए जाने के बावजूद जांच अधिकारी ने कथित रूप से आवश्यक सावधानी नहीं बरती। इसको लेकर पीड़ित परिवार ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाया है।
मेडिकल जांच नहीं कराने का आरोप
आवेदन के अनुसार, आठ अगस्त को पीड़िता की मेडिकल जांच कराने से जांच अधिकारी ने इनकार कर दिया। पिता ने इसे मामले की जांच में गंभीर लापरवाही बताते हुए वरीय अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।
निजी वाहन से कोर्ट पहुंचने का दावा
पिता ने आरोप लगाया कि 11 अगस्त को जांच अधिकारी एक निजी वाहन से आरोपित के रिश्तेदारों के साथ कोर्ट पहुंचे। बेटी से मिलने की कोशिश करने पर एक व्यक्ति द्वारा धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
वीडियो हटाने का भी आरोप
परिवार का दावा है कि जबरन विवाह से संबंधित वायरल वीडियो और स्क्रीनशाट पुलिस को उपलब्ध कराए गए थे। आरोप है कि इसके बावजूद वीडियो हटवाने और मामला खत्म करने के लिए परिवार पर दबाव बनाया गया।
बालिका गृह भेजने की मांग
पीड़िता की सुरक्षा को देखते हुए स्वजन ने उसे बालिका गृह भेजने का अनुरोध किया है। पिता ने एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों व अन्य आरोपितों पर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
