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दरभंगा में आम तोड़ने को लेकर हुआ विवाद, राॅड से पीटकर हत्या, पांच साल बाद पिता-पुत्र को उम्रकैद

Published: Mon, 20 Jul 2026 07:10 PM (IST)

दरभंगा में आम तोड़ने के मामूली विवाद में हुई हत्या के मामले में अदालत ने पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. आम तोड़ने के विवाद में हुई थी हत्या।

  2. पिता-पुत्र को आजीवन सश्रम कारावास की सजा।

  3. अदालत ने 75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

संवाद सहयोगी, दरभंगा । आम तोड़ने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि एक व्यक्ति की जान चली गई। पांच वर्ष बाद अदालत ने इस मामले में दोषी पिता-पुत्र को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

फैसले के बाद मृतक के स्वजन को न्याय की उम्मीद जगी है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-11 रंजन कुमार मिश्रा की अदालत ने सोमवार को दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

दो दोषियों को उम्रकैद

दोषियों की पहचान मनीगाछी थाना क्षेत्र के बाजितपुर गांव निवासी असरफ नद्दाफ और उनके पुत्र मो. अकबर नद्दाफ के रूप में हुई है। अदालत ने दोनों पर कुल 75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोनों पर हत्या सहित कई धाराओं में दोष सिद्ध हुआ।

हत्या सहित कई धाराओं में सजा

मनीगाछी थाना कांड संख्या 128/21 से जुड़े सत्र वाद संख्या 275/21 में अदालत ने भादवि की धारा 302/149 के तहत दोनों को आजीवन सश्रम कारावास और 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। धारा 307 के तहत सात वर्ष की सजा और 30 हजार रुपये, जबकि धारा 324 में दो वर्ष की सजा और पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया।

इसके अलावा धारा 147 में एक वर्ष, 148 में एक वर्ष, 323 में छह माह, 342 में छह माह और 447 में तीन माह की सजा सुनाई गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

राड से पीटकर की गई थी हत्या

अपर लोक अभियोजक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि दो जून 2021 को आम तोड़ने को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान वाजितपुर गांव निवासी मो. सलाउद्दीन पर राड से हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल सलाउद्दीन की बाद में मौत हो गई थी।

13 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई थी प्राथमिकी

घटना के बाद मृतक के भाई फखरुद्दीन नद्दाफ के लिखित आवेदन पर मनीगाछी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसमें 13 लोगों को आरोपित बनाया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से चिकित्सक सहित छह गवाहों की गवाही कराई गई।

14 जुलाई को दोषी करार

अदालत ने गत 14 जुलाई को असरफ नद्दाफ और मो. अकबर नद्दाफ को दोषी करार दिया था। सोमवार को सजा के बिंदु पर अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

चार साल से जेल में बंद हैं दोनों

दोनों अभियुक्त छह अप्रैल 2021 से जेल में हैं। अदालत के फैसले के बाद अब उन्हें शेष अवधि भी कारावास में बितानी होगी। आम तोड़ने को लेकर शुरू हुए विवाद में हुई हत्या के मामले में आए इस फैसले की क्षेत्र में चर्चा है।