विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दरभंगा की बेटियां दिखाएंगी 'भविष्य की तकनीक', ड्रोन से थ्री-डी मेडिकल मॉडल तक कमाल

Published: Wed, 15 Jul 2026 03:40 PM (IST)

दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों के दो नवाचार प्रोजेक्ट्स - एक डिफेंस ड्रोन और एक 3डी प्रिंटिंग बायोमेडिकल मॉडल - ...और पढ़ें

कार्यक्रम को लेकर तैयारी में जुटी छात्राएं व अन्य।

कार्यक्रम को लेकर तैयारी में जुटी छात्राएं व अन्य।

जागरण संवाददाता, दरभंगा । दरभंगा इंजीनियरिंग कालेज के विद्यार्थियों ने अपनी तकनीकी दक्षता का लोहा मनवाते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से पटना में आयोजित राज्य स्तरीय नवाचार प्रदर्शनी में कालेज के दो प्रोजेक्ट्स का चयन किया गया है।

अब आगामी 18 जुलाई को ये दोनों प्रोजेक्ट बिहार के मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शित किए जाएंगे। चयनित परियोजनाओं में पहला प्रोजेक्ट " तेजी से तैनात होने वाला डिफेंस ड्रोन " है।

यह एक फोल्डेबल और त्वरित तैनाती वाला ड्रोन है, जिसे रक्षा, सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन निगरानी के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। यह पोर्टेबल ड्रोन कम समय में प्रभावी निगरानी और टोही (रेकी) कार्य करने में पूरी तरह सक्षम है।

थ्री-डी प्रिंटिंग से चिकित्सा क्षेत्र में क्रांति

दूसरा प्रोजेक्ट बायोमेडिकल क्षेत्र से जुड़ा है, जिसे कालेज की अत्याधुनिक सी-डैक लैब में तैयार किया गया है। इस परियोजना के तहत थ्री-डी प्रिंटिंग और रिवर्स इंजीनियरिंग तकनीक की मदद से रोगी-विशिष्ट प्रोस्थेटिक हैंड कास्ट, वर्टिब्रल मॉडल (रीढ़ की हड्डी का मॉडल) और टिश्यू स्कैफोल्ड बनाए गए हैं। यह तकनीक चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और जटिल सर्जिकल प्लानिंग में डाक्टरों के लिए बेहद मददगार साबित होगी।

महिला सशक्तीकरण की मिसाल बनीं छात्राएं

इन दोनों अत्याधुनिक प्रोजेक्ट्स का प्रस्तुतिकरण कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की छात्राएं- पुष्पलता, मेहरून निशा और दीपाली कुमारी करेंगी। इस पूरी परियोजना को शारदा (समन्वयक) के कुशल मार्गदर्शन में तैयार किया गया है, जिन्होंने छात्राओं को हर स्तर पर सहयोग प्रदान किया।

कालेज के प्राचार्य प्रो. चंदन कुमार ने उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छात्राओं, मार्गदर्शक शिक्षकों और सी-डैक लैब की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के समक्ष इन परियोजनाओं का प्रदर्शन न केवल डीसीई, बल्कि पूरे बिहार की तकनीकी शिक्षा और नवाचार संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाएगा।