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दरभंगा एयरपोर्ट पर जल्द शुरू होगी नाइट लैंडिंग, कोहरे और डायवर्जन की परेशानी होगी खत्म

Published: Fri, 24 Jul 2026 07:36 PM (IST)

दरभंगा एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, बस रक्षा मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र का ...और पढ़ें

यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।

यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।

HighLights

  1. नाइट लैंडिंग की सभी तैयारियां पूरी, एनओसी का इंतजार।

  2. खराब मौसम में उड़ानों की रद होने की समस्या होगी खत्म।

  3. मिथिलांचल की हवाई कनेक्टिविटी होगी मजबूत, व्यापार बढ़ेगा।

जागरण संवाददाता, दरभंगा । मिथिलांचल के लाखों हवाई यात्रियों का लंबा इंतजार अब खत्म होने वाला है। दरभंगा एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग शुरू करने की लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

अब सिर्फ रक्षा मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने का इंतजार है। इसके बाद रात में भी विमानों का संचालन शुरू हो जाएगा, जिससे खराब मौसम और कोहरे के कारण उड़ानों के रद या डायवर्ट होने की परेशानी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

दिल्ली में रक्षा राज्य मंत्री से हुई अहम मुलाकात

नई दिल्ली स्थित संसद भवन में सांसद सह दरभंगा एयरपोर्ट सलाहकार समिति के चेयरमैन डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से मुलाकात कर एयरपोर्ट से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। सांसद ने बताया कि रक्षा राज्य मंत्री जल्द ही दरभंगा का दौरा करेंगे और एयरपोर्ट व एयरफोर्स स्टेशन की तैयारियों की समीक्षा करेंगे।

नाइट लैंडिंग के लिए तैयार हुआ इंफ्रास्ट्रक्चर

सांसद के अनुसार नाइट लैंडिंग के लिए जरूरी सभी आधारभूत कार्य पूरे कर लिए गए हैं। रनवे का समतलीकरण, मिट्टी भराई, बाउंड्री वाल का निर्माण और आवश्यक तकनीकी उपकरणों की स्थापना का काम पूरा हो चुका है। अब रक्षा मंत्रालय से एनओसी मिलते ही रात में उड़ानों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

'वाच आवर' बढ़ाने की भी उठाई मांग

बैठक के दौरान सांसद ने एयरबेस के 'वाच आवर' का समय अन्य एयरबेस की तरह सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक करने का आग्रह किया। साथ ही एयरफोर्स स्टेशन पर स्थापित एमएफआई-2 प्रणाली का उपयोग यात्री विमानों के संचालन में करने का भी अनुरोध किया, ताकि उड़ानों के संचालन में अधिक सुविधा मिल सके।

यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

नाइट लैंडिंग और 'वाच आवर' का समय बढ़ने के बाद कोहरे, खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण उड़ानों के रद होने या दूसरे एयरपोर्ट पर डायवर्ट किए जाने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

मिथिलांचल की हवाई कनेक्टिविटी होगी मजबूत

नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू होने के बाद दरभंगा एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता बढ़ेगी। इससे यात्रियों को अधिक उड़ानों का विकल्प मिलेगा और मिथिलांचल की देश के प्रमुख शहरों से हवाई कनेक्टिविटी भी पहले से अधिक मजबूत होगी। इससे क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और निवेश को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।