दरभंगा। शरीर को झुलसा देनेवाली कड़ी धूप के कारण दिन के दस बजे बाद लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो रहा है। भीषण गर्मी के कारण क्षेत्र के विभिन्न गांवों के लोग बीमार हो रहे हैं। बेनीपुर अनुमंडलीय अस्पताल एवं बहेड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन एक सौ से अधिक लोग बीमार होकर पहुंच रहे है। इनमें अधिकांश बुखार एवं सर्दी से पीडित हैं। डायरिया के मरीज भी दोनों अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। वैसे तो बेनीपुर अनुमंडलीय अस्पताल डाक्टरों की घोर कमी का दंश झेल रहा है लेकिन उसके बाद भी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आरसी झा के नेतृत्व में अस्पताल के कुल 18 नर्स बीमार लोगों की सेवा में तैनात हैं। अस्पताल में बेड के अलावा भोजन देने की व्यवस्था है। मरीजों को अधिकांश दवा बाहर से ही खरीदनी पड़ रही है।जिलाधिकारी के सख्त निर्देश के बाद भी अस्पताल में अभी तक न तो बल्ड बैंक चालू हुआ और न ही एक्सरे मशीन, जिसको लेकर आम जनता में सिविल सर्जन के प्रति भारी आक्रोश है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का कहना है कि इस भीषण गर्मी में पहले की अपेक्षा ज्यादा मरीज अनुमंडलीय अस्पताल में आ रहे हैं। अस्पताल में मरीजों के लिए सभी तरह की दवा उपलब्ध है। जिस मरीज की स्थिति बेहद खराब रहती है उसे बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच रेफर किया जा रहा है। वही बहेड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले अधिकांश मरीजों को बेड के अभाव में नीचे में लिटाकर इलाज किया जाता है। छह बेड इस अस्पताल में है। अधिकांश बेड को जंग लग रही है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं अस्पताल के कर्मियों का आवासीय भवन क्षतिग्रस्त है। इस बहाने सभी तीन किलोमीटर दूर बेनीपुर में ही रहकर निजी प्रैक्टिस में व्यस्त रहते हैं। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को भोजन देना एक वर्ष से बंद हैं। शौचालय गंदगी से पटी है। इस कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अस्पताल में ओआरएस घोल की घोर कमी है। क्षेत्र के कृषि पदाधिकारी अशोक राम कहते हैं कि पिछले कई वर्षों के बाद ऐसा गर्मी झेल रहे हैं। भीषण गर्मी से लोगों का जीना दूभर हो गया है। किसान से लेकर आमजन कड़ी धूप के कारण तबाह हैं।

Posted By: Jagran