दरभंगा। एसोशिएसन ऑफ मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट की ओर से रविवार को शहर के कर्पूरी चौक से लेकर बेंता चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया। दर्जनों लैब टेक्नोलॉजिस्टों ने बिहार सरकार से बेसिक लैब संचालन के लिए रजिस्ट्रेशन देने की मांग की। एसोशिएसन के प्रदेश सचिव राम कृष्ण शर्मा ने बताया कि बिहार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत आरएनटीसीपी,ब्लड बैंक,एनवीबीडीसीपी सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाएं चल रही हैं। इन जगहों पर लैब टेक्नीशियन अपनी सेवा दे रहे हैं और उन्हें पूरी मान्यता भी प्राप्त है। वहीं बिहार में 21 सौ से ज्यादा छोटे- बड़े हॉस्पिटल चल रहे हैं। जहां मात्र 36 पैथोलॉजिस्ट ही तैनात हैं। इसके अलावा बचे अन्य पैथोलॉजी में जांच कर रिपोर्ट लैब टेक्नीशियन ही देते हैं। ऐसे में निजी पैथोलॉजी सेंटरों के संचालन पर रोक लगाया जा रहे हैं। जिससे एक बहुत बड़ी स्वास्थ्य संकट उत्पन्न होने की संभावना है। आखिरकार 36 पैथोलॉजिस्टों के द्वारा पूरे बिहार की पैथोलॉजी एवं हॉस्पिटल कैसे चल सकते हैं। जबकि पैथोलॉजी सेंटरों को सरकारी गजट के मुताबिक तीन भागों में बांटा गया है। बेसिक लैब को टेक्नोलॉजिस्ट को चलाने का अधिकार प्राप्त है।

Posted By: Jagran