दरभंगा। राखी को लेकर देर रात तक भाइयों के घर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। पर्व को लेकर बहनों में खासा उत्साह है। देर शाम तक तैयारियां चलती रही। परदेश से आए विक्रम कुमार ने बताया कि यह पर्व भाई-बहनों के अटूट रिश्ता व प्यार का पर्व है। बहनों के हाथों राखी बंधवाने के लिए वे दिल्ली से आए है। वहीं, रोहित कुमार ने बताया कि राखी को लेकर वे राजस्थान के जोधपुर से बिना आरक्षण ही अपने गांव केतुका पहुंचे हैं। पहले उन्हें कार्यालय से छुट्टी नहीं मिल सकी थी, लेकिन जैसे-तैसे वे अपने घर पहुंचे हैं। उनको देखकर उनकी बहन प्रिया बहुत ही खुश है। बताते है कि भाई और बहन के बीच का प्यार सबसे निराला होता है। परदेश से पहुंचे भाई-बहन

दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रही हूं। राखी पर घर आने के लिए टिकट नहीं मिल रहा था। जैसे-तैसे अधिक पैसा देकर टिकट खरीदी हूं, ताकि अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकूं।

स्वाति कुमारी।

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राखी के लिए पहले ही घर आने का टिकट ले लिया था। बीच में ऐसा लगा कि घर नहीं जा सकूंगा। बहन को बताया तो काफी नाराज हुई। राखी के मौके पर उसका दिल नहीं तोड़ सकता। किसी तरह करके मुंबई से अपने गांव ¨सहवाड़ा पहुंचा हूं।

अंकित राज

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पढ़ाई के लिए घर से बाहर जाने की मजबूरी है। लेकिन राखी के दिन अपने घर पर रहती हूं, ताकि भाई को खुद से राखी बांध सकूं। काफी खुश हूं घर आकर। पर्व के लिए विशेष रुप से तैयारी की हूं।

सिमरन सोनी ¨सह

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मिठाई की खरीदारी के लिए दुकानों में उमड़ी भीड़

राखी को लेकर मिठाई की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ शनिवार को शहर के विभिन्न दुकानों पर लगी रही। लोग देर शाम से ही मिठाई की दुकान पर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। शहर के मिठाई घर, भगवती स्वीटस, राधे-राधे, स्वीट होम सहित कई दुकानों में लोगों की लंबी लाइन लगी रही। राखी को लेकर मिठाईयों की नई रेंज भी दुकानों में उपलब्ध थी। स्टॉक की भी कोई कमी नहीं थी। राधे-राधे के प्रोपराइटर अनिल व अरुण शर्मा ने बताया कि आमदिनों की तुलना में बिक्री में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। लोग दोपहर से ही दुकानों पर मिठाई लेने के लिए खड़े है। राखी के लिए स्पेशल रुप से काजू अंजीर, काजू पीसता व कुछ अन्य मिठाई बनाए गए है। पिछले वर्ष की तुलना में कहीं ज्यादा बिक्री है। दामों में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है। बताया कि प्रतिष्ठान की ओर से राखी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया था। इसमें डॉ. निधि मल्लिक, शादिया अहमद व जिगर ए शाह विजेता रहे।

Posted By: Jagran