विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दरभंगा में इलाज की तस्वीर बदलेगी, सुपर स्पेशियलिटी में शुरू होगी ICU-OT की सुविधा

Published: Sat, 05 Sep 2026 06:00 AM (IST)

दरभंगा में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की कवायद चल रही है, डीएमसीएच के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में आईसीयू, ऑपरेशन ...और पढ़ें

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल। फोटो-जागगरण

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल। फोटो-जागगरण

HighLights

  1. डीएमसीएच सुपर स्पेशियलिटी में आईसीयू, ओटी, कैथलैब शुरू होगी।

  2. न्यूरो सर्जरी आईसीयू-ओटी 7 सितंबर तक चालू करने का निर्देश।

  3. सदर अस्पताल में भी सिजेरियन डिलीवरी, सर्जरी सुविधाएं बढ़ेंगी।

राजकुमार गणेशन, दरभंगा । जिले में स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने की कवायद चल रही है। डीएमसीएच (दरभंगा मेडिकल कालेज व अस्पताल) के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के सभी आठों विभागों में ओपीडी और इनडोर उपचार के साथ आइसीयू, आपरेशन और कैथलैब की शुरुआत हो रही है।

इसे लेकर जिलाधिकारी ने डीएमसीएच अधीक्षक को सख्त निर्देश दिया है। विशेष तौर पर न्यूरो सर्जरी आपरेशन थियेटर और आइसीयू को सात सितंबर तक किसी भी हालत में चालू करने को कहा है।

इधर, सदर अस्पताल में सर्जिकल सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है। यहां सिजेरियन डिलीवरी, सामान्य सर्जरी, छोटे आपरेशन आदि की शुरुआत होगी। यहां सुविधाएं मिलने से रेफर होकर पटना या अन्य शहर जानेवाले मरीजों की तादाद में कमी आएगी।

न्यूरो, बर्न, हार्ट और किडनी मरीजों के लिए तो सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल वरदान साबित होगा। इसकी पूर्णरूपेण शुरुआत होने पर मरीजों को अलग-अलग जांचों या डाक्टरों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

न्यूरोलाजी, कार्डियोलाजी और नेफ्रोलाजी जैसे महत्वपूर्ण विभागों की सुविधाएं एक जगह उपलब्ध है। अत्याधुनिक तकनीक और मशीनों की बात करें तो एडवांस कैथ लैब (हार्ट के लिए) डायलिसिस यूनिट (किडनी के लिए) और बर्न वार्ड में संक्रमण रोकने के लिए विशेष आइसोलेशन बेड है।

हालांकि, वर्तमान में कुल छह विभागों में ही मरीजों को ओपीडी व इनडोर (भर्ती की सुविधा) का लाभ मिल रहा है। यहां के कार्डियोलाजी, न्यूरोलाजी, न्यूरो सर्जरी, नेफ्रोलाजी, बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी और गैस्ट्रोलाजी विभाग में डाक्टर परामर्श और उपचार दोनों कर रहे हैं।

डाक्टरों की तैनाती नहीं होने से उपचार प्रभावित

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का शुभारंभ सितंबर 2024 में हुआ है। फिर भी कई विभागों में चिकित्सकों और तकनीकी कर्मी की कमी के कारण मरीज कठिनाई झेलते हैं। गैस्ट्रोलाजी विभाग में मात्र एक चिकित्सक तैनात है। यहां पीजी या एसआर चिकित्सक की भी ड्यूटी नहीं है।

इसके चलते गैस्टोलाजी विभाग में सिर्फ मंगलवार और शुक्रवार को ही ओपीडी का संचालन हो रहा है। ऐसी ही स्थिति न्यूरो सर्जरी विभाग में आईसीयू और आपरेशन थियेटर की शुरूआत नहीं होने से बनी है।

सिर में गंभीर चोटिल या जख्मी मरीजों की सर्जरी नहीं होने कारण डीएमसीएच से रेफर करना पड़ रहा है। कैथलैब नहीं चालू होने से कार्डियोलाजी विभाग में भी मरीजों को पूरी सुविधा नहीं मिल रही है।

यही स्थिति नवजात शिशुओं के लिए महत्वपूर्ण विभाग नियोनेटोलाजी और सीटीवीएस की है। इस विभाग में एक भी चिकित्सक की बहाली नहीं हो पाई है। जिससे मरीज अपेक्षित लाभ से वंचित है।

न्यूरोसर्जरी आईसीयू-ओटी संचालन का रास्ता साफ

जिलाधिकारी कौशल कुमार के निर्देश पर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के आईसीयू और आपरेशन थियेटर में सात सितंबर को शुभारंभ की तैयारियां करीब पूरी है।

इसके लिए उपाधीक्षक डा. अमित कुमार एवं एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डा. हरि दामोदर सिंह लगातार निरीक्षण कर कमियों को दूर कर रहे हैं। आईसीयू में लगे मानिटर और वेंटिलेटर की जांच की हो चुकी है।

साथ ही आईसीयू के संचालन के लिए अलग से सात वार्ड बाय, छह सुरक्षा गार्ड और सात नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं एसी चिलर आदि की तकनीक खामियों को दूर किया जा रहा है।

इससे जल्द शुरूआत होने की संभावना बढ़ गई है। आईसीयू और न्यूरोसर्जरी आपरेशन की सुविधा से डीएमसीएच से रेफर होनेवाले मरीजों की तादाद में भारी गिरावट आएगी और उत्तर बिहार के मरीजों का कम खर्च में उपचार हो पाएगा।

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की सभी सुविधाएं धीरे-धीरे उपलब्ध हो जाएगी। न्यूरोसर्जरी आईसीयू और आपरेशन थियेटर पूरी तरह तैयार है। जल्द ही यहां उपचार आरंभ हो जाएगा। इसका लाभ संपूर्ण उत्तर बिहार के मरीजों को मिलेगा।
डा. जगदीश चंद्र, अधीक्षक, डीएमसीएच दरभंगा ।