बिहार में फसल पर मौसम की मार पड़ी तो किसानों के साथ खड़ी होगी सरकार
बिहार सरकार ने खरीफ फसल पर मौसम की मार से किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए सहायता योजना ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
खरीफ फसल क्षति पर सरकार देगी आर्थिक सहायता।
किसानों को कोई प्रीमियम नहीं देना होगा।
अधिकतम दो हेक्टेयर तक मिलेगी सहायता राशि।
जागरण संवाददाता, दरभंगा । खरीफ की फसल पर मौसम की मार पड़ने पर किसानों को अब आर्थिक नुकसान की चिंता कम होगी। विपरीत मौसम या अन्य कारणों से फसल की क्षति होने पर किसानों को सरकार सहायता राशि देगी।
इसके लिए किसानों को अपनी जेब से एक रुपये भी प्रीमियम नहीं देना होगा। कृषि विभाग ने खरीफ मौसम के लिए विभाग सहायता योजना के तहत आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी है।
किसान 31 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगे। क्षति के आधार पर अधिकतम दो हेक्टेयर तक सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी।
20 प्रतिशत तक नुकसान पर 7500 रुपये
योजना के तहत वास्तविक उपज में 20 प्रतिशत तक की क्षति होने पर किसानों को 7500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि मिलेगी। वहीं, फसल की क्षति 20 प्रतिशत से अधिक होने पर 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से भुगतान किया जाएगा। यह सहायता अधिकतम दो हेक्टेयर रकबे के लिए देय होगी।
नहीं देना होगा कोई प्रीमियम
इस योजना की खास बात यह है कि किसानों को इसके लिए किसी तरह की प्रीमियम राशि जमा नहीं करनी होगी। आवेदन भी पूरी तरह निश्शुल्क होगा। स्वीकृत सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से किसानों के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाएगी।
रैयत और गैर-रैयत भी कर सकेंगे आवेदन
कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर निबंधित किसान योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें रैयत, गैर-रैयत तथा आंशिक रूप से रैयत एवं गैर-रैयत श्रेणी के इच्छुक किसान शामिल हैं। यानी जमीन पर खेती करने वाले पात्र किसानों को योजना के दायरे में रखा गया है।
आवेदन में यह जानकारी जरूरी
आनलाइन आवेदन करते समय किसानों को अपनी फसल और बुआई किए गए रकबे की सही जानकारी देनी होगी। इसके साथ ही विहित प्रपत्र में भरा हुआ स्व-घोषणा पत्र भी अपलोड करना अनिवार्य होगा। गलत या अधूरी जानकारी देने से आवेदन प्रभावित हो सकता है, इसलिए किसान आवेदन करते समय सभी विवरण सावधानी से भरें।
किस फसल पर कितनी मदद, पोर्टल पर देखें
खरीफ मौसम में फसलवार अधिसूचित जिलों की सूची विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। किसान आवेदन से पहले यह देख सकेंगे कि उनके क्षेत्र और फसल को योजना के तहत अधिसूचित किया गया है या नहीं। कृषि विभाग ने किसानों से अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करने और समय रहते आनलाइन आवेदन करने की अपील की है।
