दरभंगा में बागमती नदी में नहाने उतरे किशोर की डूबने से मौत, इकलौते बेटे को खोकर स्वजन बेसुध
दरभंगा की बागमती नदी में नहाते समय डूबे 17 वर्षीय नीरज कुमार का शव बुधवार सुबह बरामद हुआ। नीरज अपने ...और पढ़ें

नीरज कुमार-फाइल फोटो। सौ. स्वजन
HighLights
दरभंगा की बागमती नदी में डूबा 17 वर्षीय किशोर।
मंगलवार को लापता हुआ नीरज, बुधवार सुबह मिला शव।
इकलौता पुत्र था नीरज, परिवार में गहरा मातम।
संवाद सहयोगी, दरभंगा। नगर थाना क्षेत्र स्थित शुभंकरपुर के समीप बागमती नदी में नहाने के दौरान डूबे 17 वर्षीय किशोर का शव बुधवार सुबह नदी में उतराता मिला। सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया।
मृतक की पहचान शुभंकरपुर बिचला टोला निवासी रामप्रकाश राय के इकलौते पुत्र नीरज कुमार (17) के रूप में हुई है। इस हादसे के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
मंगलवार से था लापता
मृतक के चाचा अमित कुमार ने बताया कि नीरज मंगलवार दोपहर बागमती नदी में नहाने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में डूब गया। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर स्वजन को उसकी चिंता हुई और खोजबीन शुरू की गई।
परिवार के लोगों ने रिश्तेदारों और परिचितों से भी संपर्क किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। बाद में गांव में तलाश के दौरान घर से करीब एक किलोमीटर दूर नदी किनारे उसकी चप्पल मिली।
रातभर चला तलाश अभियान
स्थानीय लोगों से जानकारी मिली कि नीरज को नदी में नहाते देखा गया था। इसके बाद स्वजन और ग्रामीणों ने नदी में काफी देर तक तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और देर रात तक गोताखोरों की मदद से सर्च अभियान चलाया। पुलिस ने अगले दिन एनडीआरएफ की टीम के साथ दोबारा तलाशी कराने का आश्वासन दिया था।
सुबह नदी में मिला शव
बुधवार सुबह नदी में एक शव तैरता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने तत्काल शव को पानी से बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दोबारा पढ़ाई की थी तैयारी
नीरज परिवार का इकलौता बेटा था। उसके पिता मजदूरी करते हैं, जबकि मां रसोइया के रूप में काम करती हैं। दो बहनों के इकलौते भाई नीरज ने आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और मजदूरी करने दिल्ली चला गया था।
कुछ दिन पहले ही वह दिल्ली से घर लौटा था। स्वजन की सलाह पर उसने दोबारा स्कूल में नामांकन कराकर पढ़ाई शुरू करने की तैयारी की थी, लेकिन इससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। बेटे की मौत से माता-पिता और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
