दरभंगा । बिरौल थानाक्षेत्र के सुपौल बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक की बिरौल शाखा में सात अप्रैल को हुई 41.79 लाख की लूट में बड़ा खुलासा हुआ है। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी बदमाश भागकर कोलकाता गए थे। बदमाश वहां लंबे दिनों तक रहे। सभी ठिकानों को बार-बार बदल रहे थे। इस दौरान लूट की सफलता की खुशी में बदमाशों ने कोलकाता में पूजा अर्चना भी की। सफर दौरान सड़क हादसा भी हुआ। इसमें हुंडई आई-20 कार क्षतिग्रस्त हो गई। उसकी मरम्मत पर डेढ़ लाख रुपये खर्च किए। बेगूसराय जिले के खोदावंदपुर थानाक्षेत्र में एसटीएफ की छापेमारी में हत्थे चढ़े अजय सहनी ने पूछताछ में इसके अतिरिक्त कई अहम जानकारी दी है। इसके बाद विशेष जांच टीम छापेमारी करने में जुटी है। अजय सहनी के पास से तीन मोबाइल जब्त किए गए हैं। जिसे दरभंगा पुलिस की तकनीकी टीम खंगालने में जुटी है। इधर, पूछताछ के बाद एसटीएफ की टीम ने बेगूसराय जिले के नावकोठी निवासी अजय सहनी को दरभंगा पुलिस के हवाले कर दिया। बेगूसराय जिले में उसके खिलाफ कई मामले पाए गए हैं। बिरौल एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी ने बताया कि आगे की कार्रवाई चल रही है। अजय की निशानदेही पर छापेमारी की जा रही है।

बता दें कि वारदात में शामिल एक बदमाश अब भी फरार चल रहा है। वह एसटीएफ के हत्थे चढ़े अजय सहनी का ममेरा भाई राजा सहनी है। जो बेगूसराय जिले के लोहियानगर निवासी है। पूछताछ में अजय ने स्वीकार किया कि वह वारदात के समय बाहर गाड़ी पर सवार था। जबकि, उसका ममेरा भाई राजा अन्य बदमाशों के साथ बैंक के अंदर वारदात को अंजाम दे रहा था। उन दोनों भाईंयों को लूट की राशि में ढाई-ढाई लाख का हिस्सा मिला।

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बैंक लूट में शामिल थे बेगूसराय जिले के चार बदमाश : बिरौल पीएनबी लूटकांड के जांच में नौ बदमाशों की संलिप्ता सामने आई है। इसमें आठ की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार और फरार बदमाशों में चार बेगूसराय जिले के निवासी हैं। जबकि, समस्तीपुर के दो और खगड़िया, मोतिहारी सहित दरभंगा के एक-एक बदमाश शामिल थे। इसमें बेगूसराय जिले के लोहियानगर निवासी राजा सहनी की गिरफ्तारी शेष है। इस लूटकांड दरभंगा पुलिस के विशेष जांच दल को 39वें दिन में सफलता मिली। पुलिस ने 15 मई को गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इसमें कुशेश्वरस्थान थानाक्षेत्र के सिसौना निवासी गंगाराम मुखिया, बेगूसराय जिले के खौदावंदपुर छौड़ाही थानाक्षेत्र के सिहमा निवासी मो. रहमत उर्फ सोनू राज उर्फ सूमो व इसी थानाक्षेत्र बकारी निवासी मो. खुर्शीद आलम सहित समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थानाक्षेत्र के उदयपुर निवासी मो. असलम आजाद और मो. आशिफ शामिल थे। इन लोगों के पास से लूट के लूट की सात लाख 31 हजार छह सौ रुपये बरामद किए गए थे। सभी से पूछताछ के बाद खगड़िया में छापेमारी की गई। जहां खगड़िया जिले का महेशपुर थानाक्षेत्र के चन्नी टोल बन्नी निवासी अनिल सिंह उर्फ बुड्ढ़ा और मोतिहारी के गोविदगंज थानाक्षेत्र के खजुरिया निवासी अजय राज उर्फ पटना वाला अभिजीत को हथियार और लूट के एक लाख 50 हजार रुपये के साथ दबोच लिया गया था। इस लूटकांड का असली मास्टर माइंड अनिल सिंह ही पाया गया। इसके बाद एसटीएफ ने अजय सहनी को गिरफ्तार कर लिया।

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लूट की शेष राशि बरामद करना अब भी चुनौती :

बैंक लूटकांड का पुलिस पर्दाफाश कर अब तक आठ बदमाशों को गिरफ्तारी कर चुकी है। लेकिन, लूट की पूरी राशि बरामद करना पुलिस के लिए चुनौती बनी है। बैंक और ग्राहक से लूटे गए 41.79 लाख में पुलिस अब तक 09.29 लाख रुपये ही बरामद कर पाई है। ऐसी स्थिति में शेष राशि की बरामदगी के लिए पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।लेकिन, इसमें पुलिस को सफलता मिलेगी अथवा नहीं अगर मिलेगी तो कितना यह कहना मुश्किल हो गया है। दरअसल, लूट की प्राथमिकी और इसमें गिरफ्तार बदमाशों ने पूछताछ में जो जानकारी दी है उसमें राशि का काफी अंतर पाया गया है।

Edited By: Jagran