दरभंगा। कुछ घंटे की झमाझम बारिश और नगर निगम पूरा सिस्टम पानी-पानी। कई प्रमुख इलाके में जलजमाव का नजारा। झील से नजर आते शहरी क्षेत्र के निचले इलाके। जी हां, यह जिले में मानसून के दस्तक की प्रारंभिक आहत है। सो, महीनों से सोए सिस्टम और कागजों पर सफाई की पोल खोल रहा बारिश। एक ही दिन की बारिश में शहरी क्षेत्र में बजबजाती नालियां और लबालब तालाब का ²श्य देखने को मिलने लगा। कुछ ही देर की बारिश में कई कथित वीआईपी इलाके और कॉलोनियों में जलजमाव का नजारा दिखने लगा। वहीं, समाहरणालय, नगर निगम, जिला परिषद सहित कई कार्यालय भी इसकी चपेट में दिखे। यहां से सिस्टम चलता है। सो, पूरा सिस्टम ही फेल नजर आने लगा। यहां काम से आने वाले सूट-बूट लगाकर रौब जमाने वाले भी गाड़ियों से उतरने की हिम्मत नहीं कर पा रहे थे। बाकी शहर के कई इलाकों की क्या स्थिति होगी, यह सोच सकते है। शहर को साफ-सुथरा रखने वाला खुद नगर निगम प्रशासन बेबस नजर आ रहा था। जल-जमाव से निबटने की कागजी खानापूरी की पोल खुल रही थी।

शहरी क्षेत्र के न्यू बलभद्रपुर, शाहगंज, बेंता, कबीरचक, गंज, भटियारीसराय, दरभंगा टावर, मिश्रटोला, लक्ष्मीसागर, कादिराबाद, शिवधारा, बेला सुंदरपुर, फैजुल्ला खां, रहमखां, उर्दू सहित कई इलाकों के लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया था। ग्रामीण इलाकों के लोगों की परेशानियों का अंदाजा शहरी क्षेत्र से ही लगाया जा सकता है। इधर, भारी बारिश ने नगर निगम प्रशासन की बैचेनी बढ़ा दी है। कुछ हफ्ते पहले जिलाधिकारी ने शहरी क्षेत्र में जलजमाव को लेकर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरी स्थिति की समीक्षा की थी। उस वक्त निगम के पदाधिकारी ने डीएम को बताया था कि शहरी क्षेत्र के नब्बे फीसद नालों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। शेष भी पूरा होने को है। यदि नालों की सफाई का कार्य कर लिया गया होता तो कई इलाकों में साहब जलजमाव की समस्या नहीं होती। हालांकि, निगम के पदाधिकारियों की मानें तो लगातार बारिश की वजह से जलजमाव की समस्या होती है। बारिश के बंद होने के कुछ घंटों बाद स्थिति सामान्य हो जाती है। किरकिरी से बचने के लिए ऐसा पिछले कई वर्षों से निगम का यही तर्क रहा है। बाजार में जल-जमाव से लोगों को परेशानियों का करना पड़ा सामना :

लाकडाउन के बीच सीमित छूट के साथ बाजारों को खोल दिया गया है। सो, बाजारों में प्रतिदिन लोगों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ती है। इधर, मानसून के आगमन के साथ बाजारों में जलजमाव के कारण आर्थिक रुप से टूट चुके व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई है। कुछ व्यपारियों ने बताया कि लंबे अरसे के बाद दुकानें खुली है। लेकिन, बारिश ने दुकानदारी चौपट कर दी। ऊपर से जगह-जगह जलजमाव और कीचड़ के बीच कई ग्राहक दुकान नहीं आने चाहते। निर्धारित समय तक दुकानें बंद करने की बाध्यता है। सो, मानसून रहने तक बाजार संभलने की स्थिति में नहीं है।

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मौसम विभाग ने पहले जारी किया था अलर्ट

मौसम विभाग ने पहले ही बारिश को लेकर अर्लट जारी कर रखा है। बताया गया हैं कि अगले एक-दो दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अलर्ट जारी करने के बाद से जिला प्रशासन एतिहातन सारी तैयारियों में जुट गया है। नदियों के जलस्तर पर अधिकारी नजर रख रहे है। हालांकि, अबतक नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही है। लिहाजा, चिता की अभी कोई बात नहीं है।

Edited By: Jagran