दरभंगा,संसू : उत्तर बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डीएमसीएच में एक ओर जहां पहले से ही डॉक्टरों की घोर क्लिल्त से मरीज रोजाना इसका दंश झेल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अस्पताल में 6000 हजार मरीजों पर मात्र 294 नर्स बहाल हैं। इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि उत्तर बिहार के सबसे बड़े हॉस्पिटल की क्या स्थिति है। डीएमसीएच में नर्सों की 1200 सीटें हैं। लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते नर्सों की बहाली अटकी पड़ी है। आउटडोर, इमरजेंसी सहित अस्पताल के सभी विभागों के वार्डों में मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ ही रही है। नर्सों की कमी के कारण अक्सर हॉस्पीटल में मरीज तनाव की स्थिति में रहते हैं। कई बार तो मरीजों को वार्ड ब्वाय द्वारा इंजेक्शन व स्लाइन चढ़ाते देखा गया है। ऐसी स्थिति के बाद भी नर्सों की बहाली नहीं की जा रही है। बता दें कि पिछले साल नवंबर में 800 सौ जीएनएम नर्सों की संविदा पर बहाली के लिए वॉक इंन इंटरव्यू (साक्षात्कार) लिया गया था। विभागीय उदासीनता के चलते अभी तक साक्षात्कार का रिजल्ट ठंडे बसते में पड़ा है।

Posted By: Jagran