दरभंगा। बहेड़ी प्रखंड के चिल्हा दिलावरपुर गांव में डायरिया से चार की मौत के बाद दूसरे दिन रविवार को गांव में सामान्य स्थिति देखी गई। शनिवार की शाम से रविवार की सुबह तक उल्टी एवं दस्त की प्रारंभिक अवस्था में 26 मरीजों का इलाज गांव के मेडिकल कैंप में किया गया। मिडिल स्कूल में लगे मेडिकल कैंप में 18 अगस्त की देर शाम के बाद उल्टी एवं दस्त की आरंभिक अवस्था में पांच मरीज का इलाज किया गया। जिसमें जैनुल निशा, नियाज अहमद, जाफर हुसैन, मो. आलम एवं मुमताज प्रमुख थे। जबकि सुबह कैंप की ओपीडी में 21 मरीजों का उपचार किया गया। जिसमें जफर हुसैन (45) पिता स्वर्गीय हाफिज,मोहम्मद आलम (35) पिता उल हक, मोहम्मद इरशाद (7) पिता एनुल हक, मोहम्मद वारिस (7) पिता एनुल हक, रशीद खातुन(30)पति मोमताज, जैनुल (4) पिता निजाम अहमद, शकीला खातून पति मोहम्मद इमरान (42) आदि शामिल हैं। चिकित्सक के मुताबिक स्थिति सामान्य बतायी गयी है। पीएचसी प्रभारी डॉ. बीडी महतो के आदेश पर डॉ. उमेश प्रसाद, डॉ. नुसरत परवीन,फार्मासिस्ट साहब हुसैन, एएनएम आरसी कुमारी, सुधा कुमारी, किरण कुमारी,आशा कोमल कुमारी,लक्ष्मी कुमारी अपनी ड्यूटी दे रही है। रोस्टर में चिकित्सक एवं कर्मी गांव के कैंप में 24 घंटे सेवा दे रहे हैं। सिविल सर्जन दिलीप कुमार मिश्र ने चिल्हा दिलावरपुर के डायरिया मरीजों के घर पहुंच उनकी सुध ली। सीएस डॉ. मिश्र ने मृतक महफूज, रौशन, मो. अली व आफरीन के परिजनों से बातकर डायरिया के लक्षण एवं इलाज के बारे में जानकारी ली। डीएमसीएच में भर्ती मरीज अब्दुल रहीम,हसनैन, मुन्नी खातुन, नरगिश, अजीम के घर पहुंच उनके परिवार के सदस्यों को सांत्वना देते हुए कहा कि अब घबराने की बात नहीं है सभी की स्थिति सामान्य है। सीएस ने मेडिकल कैंप का भी निरीक्षण किया। जिसमें उन्होंने उपलब्ध दवा, ओआरएस,पेरिनोल, हैलोजन टेबलेट आदि मेडिसिन की जानकारी ली। उन्होंने गांव की स्थिति को देखते हुए एक सप्ताह तक शिविर को विधिवत रखने का आदेश दिया।

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