दरभंगा। अब आंगनबाड़ी सेविकाओं को विभिन्न तरह के रजिस्टर संभालने से मुक्ति मिल गई है। अबतक उन्हें 11 रजिस्टरों में आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होती थी। नई व्यवस्था के तहत 11 में से 10 रजिस्टरों में दर्ज की जानेवाली जानकारी अब ऑनलाइन दर्ज होगी। इसके लिए सूबे में एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी सेविकाओं को आइसीडीएस- केस ( कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर) से लैस स्मार्टफोन दिए गए हैं। नए एप्लीकेशन के इस्तेमाल में आनेवाली समस्याओं को सुलझाने के लिए राज्य के साथ सभी जिलों में हेल्प डेस्क का भी निर्माण किया गया है। प्रखंड स्तर पर हेल्प डेस्क :

पोषण अभियान के सलाहकार मंत्रेश्वर झा ने बताया पोषण अभियान के तहत प्रदान की जानेवाली सुविधाओं में गुणवत्ता लाने के मकसद से राज्य के सभी जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों को केस एप्लीकेशन से जोड़ा गया है। राज्य के एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी सेविकाओं को केस एप्लीकेशन के साथ स्मार्टफोन दिए गए हैं। नए एप्लीकेशन के इस्तेमाल में तकनीकी समस्याएं संभावित है। इससे निबटने के लिए राज्य में चार व सभी जिला मुख्यालय सहित प्रखंड स्तर पर हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। यहां से एप्लीकेशन इस्तेमाल में आनेवाली तकनीकी समस्याओं को सुलझाया जाएगा। तकनीकी समस्या की तत्काल होगी ट्रैकिग :

केस एप्लीकेशन में किसी भी तरह की तकनीकी समस्या होने पर आंगनबाड़ी सेविकाएं समस्याओं की जानकारी प्रखंड स्तर पर निर्मित हेल्प डेस्क को ऑनलाइन देंगी। प्रखंड स्तर पर निर्मित हेल्प डेस्क इस समस्या को सुलझाएंगे। प्रखंड स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होने पर इसे जिला स्तरीय हेल्प डेस्क को भेजा जाएगा। फिर यहां से समस्या का निदान करने की कोशिश होगी। जटिल समस्या होने पर इसे राज्य स्तरीय हेल्प डेस्क को भेजने की भी व्यवस्था बनाई गई है। इस तरह केस एप्लीकेशन की तकनीकी समस्या की रीयल टाइम ट्रैकिग कर इसका समाधान किया जाएगा। एप्लीकेशन लाभार्थियों को भी करेगा अलर्ट :

केस एप्लीकेशन आइसीडीएस से मिलनेवाली सुविधाओं को सही समय पर देने को लेकर भी आंगनबाड़ी सेविका के साथ संबंधित लाभार्थियों को मैसेज के जरिए अलर्ट करेगा। यथा - जब किसी बच्चे के टीकाकरण का समय होगा तब इसकी जानकारी आंगनबाड़ी सेविका के साथ लाभार्थी को भी होगी। इसी तरह आइसीडीएस से प्रदान की जानेवाली सभी सुविधाओं की सही समय पर जानकारी लाभार्थी को भी मिल सकेगी।

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केस एप्लीकेशन के फायदे :

- ऑनलाइन रजिस्टर भरने से सेविकाओं के समय में होगी बचत।

- आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका पर कार्य का बोझ घटेगा।

- रीयल टाइम प्रबंधन आसान हो सकेगा।

- लाभार्थियों की ऑटोमेटिक ड्यू लिस्टिग हो सकेगी।

- शत-प्रतिशत सेवाओं का कवरेज सुनिश्चित हो सकेगा। -

Posted By: Jagran

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