दरभंगा । बिहार राज्य खाद्य निगम कर्मचारी संघ के आह्वान पर कर्मियों ने अपने ही विभाग के खिलाफ शनिवार को 15 सूत्री मांगों को लेकर कलमबंद हड़ताल किया। इस दौरान कर्मियों ने सातवें वेतन की सिफारिश को लागू करने के साथ ही एसएफसी अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संघ की ओर से एसएससी प्रबंधक को सौंपे गए ज्ञापन में 15 सूत्री मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर सामूहिक सत्याग्रह अवकाश को अनिश्चितकालीन हड़ताल का रूप देने का निर्णय लिया गया। सामूहिक सत्याग्रह अवकाश के कारण एसएफसी के सभी गोदामों एवं कार्यालयों पर बुरा प्रभाव पड़ा। जिला के लगभग पंद्रह एसएफसी गोदामों पर पीडीएस विक्रेता को डोर स्टेप डिलीवरी के माध्यम से अनाज नहीं पहुंचाया गया। कर्मचारी संघ के आह्वान पर दिन भर गोदामों पर कार्यरत मजदूर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि सभी जिलों में कार्यरत 22 सौ से ज्यादा कर्मचारी विभाग की नीतियों के विरुद्ध सामूहिक सत्याग्रह अवकाश पर है। इन सभी को सातवें वेतन की सिफारिश का लाभ नहीं दिया जा रहा है। आठ घंटे के बदले बारह घंटे कार्य लिया जा रहा है। कर्मी को ओवरटाइम भी नहीं मिल रहा है। जबकि, यही सुविधा अधिकारियों को दी जा रही है। संघ के महासचिव मो. सलाहुद्दीन ने बताया कि एसएफसी कर्मचारियों की जायज मांग की लगातार अनदेखा की जा रही है। कर्मियों का शोषण किया जा रहा है। विभाग संघ की मांगों पर विचार नहीं करती है। ऐसी स्थिति में मांगें पूरी कराने को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। मौके पर जिला सचिव अनीश कुमार, वीरेंद्र कुमार, नवीन कुमार, रमेश दास, जितेंद्र कुमार, अंशुमन राय, कुणाल कुमार, मनीष कुमार आदि ने भी अपने विचार रखें।

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Posted By: Jagran

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