दरभंगा। राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के तत्वावधान में शनिवार को रामसुंदर संस्कृत विश्वविद्यालय प्रतिष्ठान रमौली में संगोष्ठी का आयोजन प्रो. लक्ष्मीनाथ झा की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। संगोष्ठी में मुख्य अतिथि गुजरात के सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अर्कनाथ चौधरी ने कहा कि देश में मिथिला की एक अलग पहचान है। इसकी अपनी अलग संस्कृति है। कुलपति ने कहा कि मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास के लिए मिथिला के लोगों को आगे आना होगा। संगोष्ठी में भाग लेते हुए संस्कृत विश्वविद्यालय दरभंगा के पूर्व कुलपति प्रो. उपेन्द्र झा ने मिथिला की गौरवशाली विद्ववता पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी में संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सुरेश्वर झा व प्रो. जयशंकर झा ने भी अपना विचार व्यक्त किया। आगत अतिथियों का स्वागत प्राचार्य डॉ. कामेश्वर चौधरी ने पाग-चादर भेंट कर किया। मौके पर प्रो. विमल नारायण ठाकुर, डॉ. शिवलोजन झा, डॉ. दिलीप कुमार झा, डॉ. कृष्णकांत झा, डॉ. फुलकांत मिश्र, डॉ. सतीशचंद्र झा ने भी मिथिला की शास्त्रीय परंपरा पर अपना विचार व्यक्त किया।--------------------------------