जाति प्रमाणपत्र मामले में घिरे राज्य ST आयोग के सदस्य, बक्सर डीएम ने की कार्रवाई की अनुशंसा
राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य राजू कुमार उर्फ राजू खरवार के फर्जी जाति प्रमाणपत्र मामले में बक्सर जिला प्रशासन ने राज्य सरकार को कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा है।

जाति प्रमाण पत्र को लेकर घिरे राजू खरवार। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
ST आयोग सदस्य राजू खरवार का प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया।
बक्सर डीएम ने राज्य सरकार को कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा।
जांच में राजू खरवार को कहार जाति का बताया गया।
जागरण संवाददाता, बक्सर। राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य और जिले के चौसा प्रखंड के निवासी राजू कुमार उर्फ राजू खरवार के फर्जी जाति प्रमाणपत्र के मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा है।
उनका अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र पहले ही निरस्त किया जा चुका है। संयुक्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिलाधिकारी साहिला ने बीते 16 अक्टूबर को सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव को पत्र भेजकर मामले में की गई जांच और उपलब्ध अभिलेखों की जानकारी दी है।
एसडीओ के नेतृत्व में गठित टीम ने की जांच
अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद, बिहार के प्रदेश महासचिव सत्यदेव शाह गोंड की शिकायत पर जिला स्तर पर मामले की जांच कराई गई।
अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित त्रिस्तरीय जांच समिति ने उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण कर 15 अक्टूबर को अपनी रिपोर्ट सौंपी।
जांच में राजस्व अभिलेखों और विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों के प्रतिवेदनों के आधार पर संबंधित परिवार की जाति को लेकर विरोधाभास सामने आने की बात कही गई है।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार, उपलब्ध खतियान में राजू खरवार के पूर्वज जनार्दन कोचो उर्फ रास बिहारी को अवध बिहारी का पिता तथा उनकी जाति कहार दर्ज होने का उल्लेख है।
परिवार की जाति खरवार नहीं होने का सबूत
वहीं, अन्य अभिलेख में राजू कुमार के पिता का नाम अवध बिहारी और दादा का नाम श्याम लाल बताया गया है। चौसा सीओ की ओर से 15 जुलाई 2020 को दी गई रिपोर्ट में भी संबंधित खतियान में परिवार की जाति खरवार दर्ज नहीं होने की बात कही गई थी।
प्रशासन ने इन दस्तावेजों के साथ पूर्व में विभिन्न अधिकारियों की ओर से भेजी गई रिपोर्ट को भी जांच का आधार बनाया है।
कहार जाति के बताए गए हैं राजू
जांच रिपोर्ट में सामान्य प्रशासन विभाग के सात जुलाई 2026 के पत्र का भी उल्लेख है। इसमें जाति प्रमाणपत्र के सत्यापन के लिए खतियान, दानपत्र और भूमि से संबंधित दस्तावेजों सहित निर्धारित अभिलेखों को आधार बनाने की बात कही गई है।
उपलब्ध राजस्व अभिलेखों और संबंधित अधिकारियों के प्रतिवेदनों के आधार पर जांच समिति ने राजू कुमार उर्फ राजू खरवार को अनुसूचित जनजाति के बजाय अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) से संबंधित कहार जाति का बताया है।
जिलाधिकारी की ओर से सरकार को भेजे गए पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि राजू खरवार के नाम से जारी जाति प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया गया है।
