बक्सर : साफ-सफाई को लेकर नगर परिषद भले ही हर माह लाखों रुपए खर्च करे लेकिन, नगर की साफ-सफाई की व्यवस्था भगवान भरोसे ही है। नगर के विभिन्न चौक चौराहों से लेकर प्रमुख स्थलों पर कचरे का अंबार यूं ही देखा जा सकता है। इसके अतिरिक्त आवारा पशु यथा-सूअर वगैरह तो आमतौर पर विचरण करते नजर आते हैं।

नगर में पसरी गंदगी में पनपने वाले जानलेवा मच्छर लोगों को कई प्रकार के रोगों का शिकार बना रहे हैं। बावजूद इसके नगर परिषद मच्छरों के खात्मे के लिए कोई विशेष रणनीति तैयार नहीं कर पा रहा। इतना ही नहीं नगर परिषद ने नगर में नियमित फॉगिग कराना भी बंद कर दिया है। बहरहाल, नगर परिषद के उदासीनता भरे इस रवैया के सामने आने के बाद एक बात तो स्पष्ट है कि, नगर परिषद ने नगर को नरक बना कर रख दिया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि, कब तक इस व्यवस्था में सुधार हो पाता है।

पहले थी मुख्य पार्षद के घर की शोभा, अब है गायब

बताया जा रहा है कि, फॉगिग मशीन गायब हो गई है। नाम नहीं छापने की शर्त पर नगर परिषद के एक कर्मी ने बताया कि, पहले जहां मशीन चेयरमैन के घर की शोभा बनी थी वहीं, कुछ माह पूर्व बनने के नाम पर भेजी गई मशीन अब गायब ही हो गई है। ऐसे में नगर में न तो नियमित रूप से फागिग हो पा रही है और ना ही मच्छरों से निजात पाने का कोई अन्य प्रयास। उल्टे नगर परिषद क्षेत्र में ही कई स्थानों पर डंपिग जोन बनाकर मच्छरों को पनपने का मौका दिया जा रहा है।

बोले उप मुख्य पार्षद, नहीं है जानकारी कहां हो रही फॉगिग

इस संदर्भ में नगर परिषद के उप मुख्य पार्षद इंद्र प्रताप सिंह से बात करने पर उन्होंने बताया कि, नगर परिषद के पास तीन छोटी एवं एक बड़ी फागिग मशीन है। फागिग मशीन के द्वारा रोस्टर बनाकर नियमित रूप से प्रत्येक वार्ड में फागिग की जानी है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि, उन्हें भी यह नहीं मालूम है कि फागिग मशीन कहां है और फॉगिग कहां-कहां हो रही है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों से पूछने पर वह भी उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं दे पाते।

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