बक्सर। अंदरूनी कटाव से खतरनाक हो चुकी गंगा में मंगलवार की सुबह एक बड़ा हादसा स्नानार्थियों की तत्परता से टल गया। पहली नवरात्र को ले सारिमपुर घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ थी और इसी दौरान सुबह दस बजे अचानक एक बच्चा डूबने लगा। उसे बचाने के चक्कर में एक-एक कर दो महिला गहरे पानी में चली गयीं और हाथ मारने लगी।

अचानक महिला के पानी में तैरते बाल और हाथ पर वहां स्नान कर रहे अन्य लोगों की नजर पड़ी। संगीत शिक्षक मनी सम्राट व गोलंबर के अर¨वद ¨सह समेत पांच-छह युवकों ने तुरंत गंगा में छलांग लगा दी और आगे घेरा बना महिलाओं को गंगा में आगे बहने से रोक दिया। तबतक अन्य लोग भी जुट गये और गंगा के मंझधार में फंसीं दोनों महिलाओं व बच्चे को बाहर निकाल लिया गया। पानी में रहने के कारण तीनों की हालत बिगड़ रही थी और घाट पर मौजूद महिलाओं ने प्राथमिक उपचार कर उन्हें सामान्य होने में मदद की। इसके बाद उनके परिजन आकर उन्हें ले गये। संगीत शिक्षक ने बताया कि पहली नवरात्र होने के कारण कलश में पानी भरने वाले श्रद्धालुओं की घाट पर भीड़ थी। घाट पर मौजूद लोगों ने बताया कि संयोग रहा कि पहली नवरात्र पर ही बड़ा हादसा होने से बच गया। हालांकि, कटाव के कारण गंगा की स्थिति बेहद खतरनाक है और बांस से बैरिके¨टग व महत्वपूर्ण घाटों पर गोताखोर तैनात नहीं हुए तो पर्व के दौरान इस तरह के हादसे का खतरा बना रहेगा।

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