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दीपावली-छठ से लेकर तुलसी विवाह तक; नवंबर में त्योहारों की बहार, बाजारों में बढ़ेगी रौनक  

Published: Sun, 25 Oct 2026 02:38 PM (IST)

बक्सर में कार्तिक माह के त्योहारों से बाजार में रौनक बढ़ने की उम्मीद है, जिसमें दीपावली, धनतेरस और छठ जैसे प्रमुख पर्व शामिल हैं।

एआई से बनाई गई तस्वीर

एआई से बनाई गई तस्वीर

HighLights

  1. कार्तिक माह में 17 प्रमुख व्रत-त्योहार पड़ेंगे।

  2. दीपावली, धनतेरस, छठ से बाजार में रौनक।

  3. व्यवसायी अच्छी बिक्री और कारोबार बढ़ने की उम्मीद में।

जागरण संवाददाता, बक्सर। आश्विन की शरद पूर्णिमा के साथ ही त्योहारों की रौनक धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। व्यवसायियों ने त्योहारी सीजन की तैयारी शुरू कर दी है।

27 अक्टूबर से कार्तिक आरंभ होगा, जो 24 नवंबर तक चलेगा। इस महीने में करीब 17 प्रमुख व्रत-त्योहार पड़ेंगे।

दीपावली, धनतेरस और छठ जैसे बड़े पर्वों को लेकर व्यवसायियों में विशेष उत्साह है, उन्हें अच्छी बिक्री की उम्मीद है।

खास बात यह है कि कई त्योहार लगातार तारीखों में पड़ रहे हैं, जिससे धार्मिक गतिविधियों के साथ खरीदारी का सिलसिला भी तेज रहने की संभावना है।

त्योहारों की शुरुआत

बता दें कि कार्तिक की शुरुआत के कुछ दिनों बाद ही व्रत-त्योहारों की कड़ी शुरू हो जाएगी। 29 अक्टूबर को करवा चौथ, फिर अहोई अष्टमी और रंभा एकादशी के बाद छह नवंबर से धनतेरस, छोटी दीपावली और दीपावली का क्रम आएगा। इसके बाद गोवर्धन पूजा और भैया दूज से पर्वों की रौनक बनी रहेगी।

नवंबर के मध्य में 13 से छठ महापर्व को लेकर घाटों और बाजारों में विशेष चहल-पहल देखने को मिलेगी। छठ के बाद गोपाष्टमी, आंवला नवमी, प्रबोधिनी एकादशी और तुलसी विवाह जैसे पर्व आएंगे।

इसके बाद शादी-विवाह जैसे शुभ एवं मांगलिक कार्य भी प्रारंभ हो जाएंगे। महीने के अंतिम चरण में कार्तिक पूर्णिमा, गुरु नानक जयंती और देव दीपावली के साथ 24 नवंबर को त्योहारों का समापन होगा।

बाजार में बढ़ेगी रौनक 

त्योहारों के इसी सिलसिले से कारोबारियों को कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। आभूषण व्यवसायी विनय वर्मा, सतेंद्र वर्मा, मनोज जायसवाल आदि का कहना है कि धनतेरस और दीपावली पर सोना-चांदी व इससे निर्मित आभूषण की मांग बढ़ जाती है।

इसके अलावा इलेक्ट्रानिक्स, कपड़े, बर्तन, सजावटी सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की मांग बढ़ी रहेगी।

छठ पर्व के मद्देनजर फल, सूप, दौरा, मिट्टी के चूल्हे, पूजा सामग्री और पारंपरिक वस्तुओं की खरीदारी में तेजी आने से इन कारोबारियों की भी बल्ले-बल्ले रहेगी। मिठाई, फूल-माला और दीप-सजावट से जुड़े कारोबारियों को भी अच्छी बिक्री की आस रहेगी।

बक्सर चैंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष सत्यदेव प्रसाद का कहना है कि 'लगातार पड़ रहे त्योहारों से बाजार में रौनक लंबे समय तक बनी रहेगी। लेकिन वास्तविक कारोबार का स्तर ग्राहकों की खरीदारी, कीमतों और स्थानीय बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।

हालांकि कुल मिलाकर कार्तिक धार्मिक आस्था, पारिवारिक मेल-मिलाप और व्यापारिक गतिविधियों के लिहाज से खास जरूर रहने वाला है।

कार्तिक में व्रत-त्योहार

29 अक्टूबर, गुरुवार - करवा चौथ व गणेश चतुर्थी व्रत

01 नवंबर, रविवार - अहोई अष्टमी

05 नवंबर, गुरुवार - रंभा एकादशी

06 नवंबर, शुक्रवार - धनतेरस

07 नवंबर, शनिवार - मास शिवरात्रि, छोटी दीपावली व नरक चतुर्दशी

08 नवंबर, रविवार - लक्ष्मी-कुबेर पूजा व दीपावली

09 नवंबर, सोमवार - स्नान-दान व सोमवती अमावस्या

10 नवंबर, मंगलवार - गोवर्धन पूजा व भैया दूज

13 नवंबर, शुक्रवार - गणेश चतुर्थी व्रत एवं सूर्य षष्ठी व्रत आरंभ

14 नवंबर, शनिवार - सूर्य षष्ठी व्रत का खरना

15 नवंबर, रविवार - छठ पूजा का पहला अर्घ्य (सायंकाल)

16 नवंबर, सोमवार - छठ पूजा का दूसरा अर्घ्य (प्रातःकाल)

17 नवंबर, मंगलवार - गोपाष्टमी पूजा

18 नवंबर, बुधवार - अक्षय (आंवला) नवमी

20 नवंबर, शुक्रवार - प्रबोधिनी एकादशी व तुलसी विवाह

23 नवंबर, सोमवार - बैकुंठ चतुर्दशी व्रत

24 नवंबर, मंगलवार - कार्तिक पूर्णिमा स्नान, गुरुनानक जयंती  देव दीपावली

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