बिहार के खेतों में अचानक उतर रहा सैकड़ों का झुंड, किसान परेशान… अब सड़कों पर भी मंडराया बड़ा खतरा!
बक्सर के डुमरांव में किसान घोड़परास और हिरणों के आतंक से परेशान हैं, जो धान व सब्जियों की फसलें बर्बाद ...और पढ़ें

रखवाली के बावजूद फसल बचाना मुश्किल
HighLights
किसानों की धान और सब्जी की फसलें बर्बाद हो रही हैं।
सैकड़ों की संख्या में घोड़परास और हिरण खेतों में घुस रहे हैं।
सड़कों पर वन्यजीवों से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ा है।
संवाद सहयोगी, डुमरांव (बक्सर)। इलाके के किसान इन दिनों घोड़परास व हिरणों के आतंक से परेशान हैं। झुंड में पहुंच रहे वन्य प्राणी खेतों में लगी धान और सब्जियों की फसल को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं।
वर्षा के मौसम में खेतों की रखवाली करना किसानों के लिए पहले ही कठिन हो गया है। ऐसे में घोड़परास और हिरणों के झुंड किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं।
जिले के विभिन्न गांवों के बधार में प्रतिदिन बड़ी संख्या में घोड़परास और हिरणों के झुंड देखे जा रहे हैं।
किसान भरत चौबे, राज कपिल महतो, शिव बचन यादव, कपिल मुनि पांडेय और राघवेंद्र तिवारी ने बताया कि झुंड में सैकड़ों की संख्या में घोड़परास और हिरण खेतों में प्रवेश करते हैं।
जिस खेत में इनका झुंड पहुंचता है, वहां खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचता है। धान के साथ सब्जियों की खेती भी इनका प्रमुख निशाना बन रही है।
रखवाली के बावजूद फसल बचाना मुश्किल
किसानों का कहना है कि दिन-रात खेत की रखवाली करना संभव नहीं है। इससे उनकी लागत और मेहनत दोनों पर संकट खड़ा हो गया है।
फसल तैयार होने के समय झुंड के खेतों में पहुंचने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
लगातार बढ़ रहा घोड़परासों का आतंक
किसानों के अनुसार घोड़परासों का आतंक दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। कई गांवों के बधार में इनका झुंड खुलेआम फसलों को नष्ट करता दिखाई देता है।
सब्जी उत्पादक किसान प्रेम कुमार महतो ने कहा कि फसल तैयार होने के समय घोड़परासों का खेत में पहुंचना किसानों के लिए बड़ी चिंता है।
उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को किसान हित में ठोस कदम उठाना चाहिए। किसानों ने बताया कि इस समस्या से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक प्रभावी पहल नहीं हो सकी है।
सड़कों पर भी पहुंच रहे झुंड, हादसे का खतरा
घोड़परासों का आतंक अब केवल खेतों तक सीमित नहीं है। मुख्य सड़कों पर अचानक इनके झुंड पहुंचने से राहगीरों के लिए भी खतरा बढ़ गया है।
सड़क के किनारे पेड़-पौधों की आड़ में छिपे घोड़परासों के अचानक सड़क पार करने से वाहन चालकों को संभलने का मौका नहीं मिलता।
इससे कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और लोगों को गंभीर चोटें भी आई हैं। कोरान सराय निवासी दयाशंकर तिवारी और अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने कहा कि यह समस्या अब किसानों के साथ आम राहगीरों की सुरक्षा से भी जुड़ गई है।
वन विभाग के साथ समन्वय कर कार्रवाई की मांग
लोगों ने शासन-प्रशासन से वन विभाग के साथ समन्वय कर घोड़परासों के आतंक से निजात दिलाने की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की है।
इससे किसानों की मेहनत से तैयार फसल को बचाने के साथ ही सड़क पर सफर करने वाले लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।
