बक्सर : प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बड़कागांव से नियाजीपुर खुर्द पंचायत के बीच बक्सर-कोईलवर तटबंध कई स्थानों पर जर्जर हो चुका है। जिसके चलते बाढ़ आने पर कहीं बांध टूट न जाए, इसकी आशंका से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर गत डेढ़ माह पहले जिला पदाधिकारी अमन समीर एवं पुलिस अधीक्षक उपेंद्र कुमार वर्मा द्वारा तटबंध का निरीक्षण किया गया था। तब जहां कहीं बांध क्षतिग्रस्त दिखा, वहां तत्काल उन्होंने विभागीय अधिकारियों को इसकी मरम्मतल का निर्देश भी दिया था।

संबंधित विभाग द्वारा मरम्मती के नाम पर बालू से भरी प्लास्टिक की बोरियां तटबंध पर रख दिया गया है। जिसे बाढ़ आने पर तटबंध के कमजोर हिस्से पर इसका उपयोग किया जाएगा। यह प्रक्रिया पिछले कई वर्षों से जारी है। जिसमें लाखों का वारा-न्यारा भी होता रहा है। बताते चलें कि, गत वर्ष 2016 में आई भयंकर बाढ़ के दौरान केशोपुर अनुसूचित बस्ती के समीप बांघ टूटते टूटते बचा था। स्थानीय लोगों द्वारा यदि बांध के निचले भाग में बाल की बोरी एवं बबूल का पेड़ रखकर पानी के प्रवाह को नहीं रोका गया होता तो पूरा इलाका जलमग्न हो जाता। ऐसी ही स्थिति मानिकपुर गांव के सामने भी थी। इस मामले में बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता से संपर्क नही होने से उनका पक्ष ज्ञात नहीं हो सका।

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