बक्सर : रामरेखा घाट पर अतिक्रमण हटाने के दौरान वहां से हटाई गई चौकी व चचरी के विरोध में पंडा समाज का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। हालांकि बुधवार को नगर परिषद कार्यालय में पंडा समिति व कार्यपालक पदाधिकारी की उपस्थिति में सकारात्मक पहल पर बातचीत हुई। रामरेखा घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान करने मैं कठिनाई नहीं हो। इसके लिए नगर परिषद एवं पंडा समाज के बीच आपसी सामंजस्य बैठाकर व्यवस्था करने की चर्चा हुई। जिसमें कार्यपालक पदाधिकारी प्रेम स्वरूपम ने कहा कि घाट की सुंदरता को लेकर पंडा समिति ही ठोस पहल करें, कि किस तरह से घाट की विधि व्यवस्था चलाई जाए, ताकि बाहर से आने वाले लोगों को यह घाट सुंदर व साफ दिख सके। इधर पंडा समाज ने बताया कि रामरेखा घाट पर 11 सदस्य समिति बनी हुई है। जिसमें कुल 172 पंडा शामिल है। इसी घाट के पूजा पाठ से अर्जित होने वाले पैसों से परिवार का भरण पोषण होता है। घाट की पौराणिक महत्ता को देखते हुए पर्व त्यौहार पर स्नान करने के लिए काफी दूरदराज से श्रद्धालु आते हैं। घाट पर चौकी आदि लगाने से बाहर से आने वाले लोगों को परेशानी होने लगती है। इसके निदान के लिए पंडा समिति व नगर परिषद के बीच घाट की व्यवस्था सु²ढ करने के विषय पर बातचीत हुई। हालांकि, अभी समस्या का स्थाई समाधान नहीं निकला है पर, पंडा समाज ने नप के फैसले पर अपनी सहमति जताई है। इस मौके पर पंडा समाज के रामबचन पांडे, पोंगा पंडित,लाला बाबा, सौरभ तिवारी, प्रधान सहायक यशवंत सिंह, संतोष सिंह व नवीन कुमार पांडे सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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