बक्सर। अधिवक्ता को दिन-दहाड़े गोली मारने के मामले में नगर थाना पुलिस ने सुजीत कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया जेल भेज दिया। इस मामले में पीड़ित के पत्नी के फर्द बयान पर सुजीत कुमार श्रीवास्तव, नन्हें श्रीवास्तव, प्रकाश श्रीवास्तव व सन्नी श्रीवास्तव सहित चार के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराया गया है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिये ताबड़तोड़ छापामारी कर रही है।

इसको ले थाना क्षेत्र के संभावित इलाके सोहनी पट्टी, चीनी मिल सहित अन्य स्थान पर ताबड़तोड़ छापामारी चल रही है। इस संबंध में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शैशव कुमार ने बताया कि अन्य आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि, सुजीत कुमार से पुछताछ के क्रम में उसने बताया कि, शुक्रवार की दोपहर लगभग बारह बजे वह कोर्ट में था। उसी समय उसे घर से उनका लड़का सल्लू कुमार श्रीवास्तव ने फोन कर बताया कि, पापा सन्नी भैया गोली मार दिया है, जल्द घर आइए। इसके बाद वह आनन-फानन में घर पहुंचा। सभी स्थिति का पता चलने पर उसने अपना माथा पीट लिया। उन्होंने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस के जवानों को लगा दिया गया है। जिससे फरारी ज्यादा दिनों तक बच नहीं पाएंगे।

इंसर्ट..

स्थिति नाजुक रेफर

बक्सर : वृद्ध अधिवक्ता की स्थिति को देखते हुए। चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार हेतु वाराणसी रेफर कर दिया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक अधिवक्ता के शरीर से अभी तक गोली निकाला नहीं जा सका है। ऐसे में उसकी स्थिति ¨चताजनक बनी हुई है। उसके शरीर से काफी खून निकल गया है। वे काफी कमजोर हो गये है। ऐसे में उनका अपरेशन कर गोली निकालने में खतरा है। हालांकि, खून चढ़ाने के बाद भी उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। ऐसे में उन्हें रेफर कर दिया गया।

ईंसर्ट

दहशत में घायल वकील का परिवारबक्सर : वकील को दिन दहाड़े गोली मारने की घटना से उनका पूरा परिवार दहशत में है। अब किसके साथ क्या होगा। इस संभावना में वे घर से निकलने से परहेज कर रहे हैं। छेड़खानी से जुड़े इस प्रकरण में अभी तक पुलिस की जो भूमिका रही है, उससे परिवार बेहद सहमा हुआ है।

इस संबंध में पीडित का भाई रमेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी सल्लू ने सोलह नवंबर को उनके घर की बच्ची के साथ छेड़खानी की। इस घटना में महिला थाने में उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराया गया। लेकिन, मामला कोर्ट के न्यायिक पदाधिकारी के चालक के लड़के का था। इस वजह से पुलिस ने जानबूझकर कार्रवाई नहीं की। जिससे आरोपियों का मनोबल और भी बढ़ गया। वे पीड़ित के परिवार पर मुकदमें को उठाने हेतु दबाव बना रहे थे। लेकिन, मामला एक दिन का नहीं था। इस वजह से लड़की के पिता आगे इस तरह की घटना नहीं होने के आश्वासन पर ही मुकदमा वापस लेना चाह रहे थे। आरोपियों ने कुछ असामाजिक तत्वों के जरिये भी अधिवक्ता को धमकाया था और बुरे परिणाम भुगतने का धमकी दी थी। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि छेड़खानी मामले में कानूनी प्रावधानों के मुताबिक कार्रवाई हुई थी।

बयान :

मामले में एक नामजद को पकड़ा गया है, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी हो रही है, कोर्ट से कुर्की की अनुमति के लिये आवेदन दिया गया है, इस बीच गिरफ्तारी नहीं हुई तो आदेश मिलते ही कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी की जायेगी। उपेन्द्र कुमार शर्मा, एसपी, बक्सर।

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