बक्सर : जिले में पहली बार कुछ इलाकों में मक्का के पौधों पर फॉल आर्मीवार्म नामक कीटों का प्रकोप देखा गया है। मूल रूप से अमेरिका के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले यह कीट देखते ही देखते खेत में लगी पूरी फसल चट कर जाते हैं। इससे बचाव के लिए किसान भाई स्पिनेटोरम 11.7 प्रतिशत रसायन का उपयोग करते हुए कीटों से फसल को बचा सकते हैं।

इसकी जानकारी देते कृषि महाविद्यालय डुमरांव के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार ने बताया कि सिमरी प्रखंड के चकनी गांव निवासी एक किसान ने उन्हें कीट युक्त पौधे का नमूना दिखाते हुए बचाव का उपाय पूछा थ। सूचना के आधार पर कीट वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर प्रभाकर तथा डॉ. एके जैन ने प्राचार्य के साथ चकनी गांव के किसान सूर्च कुमार, पंकज कुमार, सूरज यादव आदि के खेत पर जाकर इसका निरीक्षण के बाद बक्सर में फॉल आर्मीवार्म के प्रकोप की पुष्टि के साथ बताया कि जिले में पहली बार इन कीटों का प्रकोप देखा गया है। इसके पूर्व राज्य के कुछ पूर्वी जिलों में इसका प्रकोप देखा गया था। यह कीट देखते ही देखते पूरे खेत की मक्का फसल चट कर जाते हैं। इसके प्रकोप से बचाव के लिए स्पिनेटोरम 11.7 प्रतिशत की .5 एमएल मात्रा या लैम्डा सायहेलोथ्रिन 9.5 प्रतिशत के साथ थायमेथोक्जाम 12.5 प्रतिशत की .25 एमएल मात्रा का प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने से कीटों को मारा जा सकता है। यदि समय रहते इसका उचित प्रबंधन नहीं किया गया तो पूरे क्षेत्र की मक्का फसल बर्बाद हो सकती है।

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