डुमरांव ROB पर अपडेट: वन विभाग की NOC मिली; पेड़ों की कटाई के साथ शुरू हुआ काम, 300 मीटर दूर होगा पाइल लोड टेस्ट
डुमरांव में प्रस्तावित रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण ने वन विभाग की एनओसी मिलने के बाद गति पकड़ी है। पेड़ों ...और पढ़ें

डुमरांव में वर्षों से आरओबी की प्रतीक्षा। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
वन विभाग की एनओसी मिलने से आरओबी निर्माण ने गति पकड़ी।
दलदली मिट्टी के कारण 300 मीटर दूर नए स्थल पर परीक्षण।
बारिश के कारण पाइल लोड टेस्ट फिलहाल स्थगित, मौसम का इंतजार।
संवाद सहयोगी, डुमरांव (बक्सर)। पश्चिमी रेल फाटक पर प्रस्तावित रोड ओवर ब्रिज (ROB) निर्माण परियोजना एक बार फिर गति पकड़ने लगी है। लंबे समय से वन विभाग की एनओसी का इंतजार कर रही निर्माण एजेंसी को अब राहत मिल गई है।
अनुमति मिलने के बाद परियोजना क्षेत्र में 34 पेड़ों की कटाई शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नाला निर्माण और अन्य प्रारंभिक कार्य भी तेजी से चल रहे हैं।
इससे वर्षों से आरओबी की प्रतीक्षा कर रहे लोगों में उम्मीद की नई किरण जगी है। निर्माण एजेंसी लाखों इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट मैनेजर सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि पेड़ों की कटाई के साथ-साथ परियोजना स्थल को अगले चरण के लिए तैयार किया जा रहा है।
पूर्व में चयनित स्थल से 300 मीटर दूर का स्थान चिह्नित
नाला निर्माण का उद्देश्य बरसात के दौरान जलजमाव की समस्या को कम करना है, ताकि निर्माण कार्य बिना बाधा आगे बढ़ सके। गौरतलब है कि आरओबी निर्माण के लिए पहले किए गए पाइल लोड टेस्ट में सफलता नहीं मिली थी।
दलदली मिट्टी के कारण 1000 टन भार देने के बावजूद पाइल निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतर पाया और उसकी भार वहन क्षमता संतोषजनक नहीं पाई गई।
इसके बाद एजेंसी ने रणनीति बदलते हुए पहले स्थल से करीब 300 मीटर दूर नया स्थान चयनित किया है। यहां 750 से 800 टन भार के साथ दोबारा लोड टेस्ट किया जाएगा।
इसके लिए आधार तैयार कर लिया गया है, लेकिन लगातार बारिश और जलभराव के कारण फिलहाल परीक्षण टल गया है। मौसम अनुकूल होते ही यह प्रक्रिया शुरू होगी।
परियोजना के तहत बिजली विभाग के साथ समन्वय कर विद्युत तारों को भूमिगत करने की प्रक्रिया भी पूरी की जानी है। अधिकारियों का कहना है कि इन तकनीकी औपचारिकताओं में करीब तीन माह का समय लग सकता है।
इटाढ़ी आरओबी की समस्या देखते हुए विशेष सतर्कता
हालांकि निर्माण एजेंसी का दावा है कि सभी कार्य गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए तय समयसीमा में पूरे किए जाएंगे। हाल ही में बक्सर के ईटाढ़ी आरओबी में सामने आई तकनीकी समस्या के बाद इस परियोजना में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्तर पर जल्दबाजी नहीं की जाएगी और सभी तकनीकी परीक्षण सफल होने के बाद ही अगले चरण का निर्माण शुरू होगा।
डीडीयू–पटना रेलखंड पर स्थित डुमरांव का पश्चिमी रेल फाटक प्रतिदिन लगभग 2200 वाहनों का दबाव झेलता है। ऐसे में इस आरओबी के निर्माण से शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।
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