बक्सर : राजस्व वसूली को पटरी पर लाने के लिए सरकार के निर्देश पर एक पखवारा पूर्व से जिला निबंधन कार्यालय खोला गया है। बावजूद, जमीन की खरीद-बिक्री में अपेक्षित तेजी नहीं आ पा रही है। लॉकडाउन से पूर्व जहां प्रतिदिन 70 से 80 दस्तावेजों की रजिस्ट्री होती थी। वहीं, कोरोना कहर के चलते एक दिन में औसत दो दस्तावेजों की रजिस्ट्री हो पा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार 27 अप्रैल से निबंधन कार्यालय को विभागीय आदेश के आलोक में खोल दिया गया। लेकिन, 12 दिनों में महज 24 दस्तावेजों की ही रजिस्ट्री हो सकी है। जिससे अब तक महज 12 लाख 74 हजार 151 रुपया का राजस्व प्राप्त हुआ है। राजस्व को लेकर रविवार को भी निबंधन कार्यालय खुला रहा। लेकिन, एक भी दस्तावेज की रजिस्ट्री नहीं हुई।

लॉकडाउन में परिवहन व्यवस्था की कमी बनी बाधक

जमीन रजिस्ट्री कम होने की एक बड़ी वजह लॉकडाउन के चलते परिवहन व्यवस्था का ठप होना बताया जा रहा है। जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों से लोग निबंधन कार्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं। वहीं, इ-स्टाम्प शुल्क तथा इ-निबंधन शुल्क ऑनलाइन जमा करने में भी लोगों को परेशानी हो रही है। जबकि, पहले निबंधन कार्यालय स्थित स्टेट होल्डिग काउंटर पर नकद राशि जमा हो जाने से निबंधन की प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाती थी और एक दिन में ही रजिस्ट्री हो जाती थी। लेकिन, अब बैंक में ऑनलाइन चालान जमा करने के बाद निबंधन पदाधिकारी से आदेश लेना पड़ता है। आदेश की तिथि मुकर्रर होने के बाद ही जमीन की रजिस्ट्री हो पाएगी।

Edited By: Jagran

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