बक्सर : मनरेगा में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हैं। मामला किसी एक या दो पंचायत का नहीं है। बल्कि, पूरे जिले भर में ऐसे उदाहरण हैं, जो मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार तथा अनियमितता को उजागर करते हैं। यहां शिकायतों की जांच का कोई पैमाना नहीं है। योजना में अनियमितता की शिकायत मिलने पर भी वर्षों तक मामलों की जांच तक नहीं की जाती। इस खेल में प्रधानमंत्री कार्यालय के आदेश को भी दरकिनार कर दिया जाता है।

वित्तीय वर्ष 2016-17 के एक मामले में सिमरी प्रखंड के काजीपुर पंचायत में मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर गबन को लेकर स्थानीय निवासी मोहम्मद इम्तियाज अंसारी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 16-17 के एक मामले में काजीपुर पंचायत के मनरेगा योजना संख्या 38 में केदार यादव के दरवाजे से मेन रोड तक टुकड़ा, बालू, ईंट सोलिग और पीसीसी कार्य कराना था। लेकिन, इसमें बिना ईंट सोलिग कराए ही राशि की निकासी कर ली गई। प्रधानमंत्री कार्यालय से मिले निर्देशों के आलोक में जिलाधिकारी ने मामले की जांच का आदेश मनरेगा कर्मियों तथा एक वरीय पदाधिकारी को दिया। लेकिन, मामले की जांच नहीं हो सकी। ऐसे में आवेदक ने जिलाधिकारी को पुन: पत्र लिखकर मामले से अवगत कराया। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई।

डीआरडीए कर्मी ने कहा, शिकायत से कोई फायदा नहीं

आवेदक का कहना है कि इस तरह के रवैये से भ्रष्टाचारियों का मनोबल चरम पर है। वे इस मामले में डीआरडीए भी पहुंचे थे, जहां कर्मियों द्वारा उन्हें बार-बार बरगलाया जाता रहा। उन्होंने आश्चर्य जताया कि, पीएम से लेकर डीएम तक के आदेश को भी भ्रष्टाचारियों द्वारा कैसे दरकिनार कर दिया जाता है? मोहम्मद इम्तियाज ने बताया कि डीआरडीए के कर्मी ने उन्हें अपनी शिकायत वापस लेने की भी सलाह दी थी, यह भी बताया कि, आप चाहे कहीं भी शिकायत कर लीजिए, मामला मैनेज है और कुछ भी नहीं होनेवाला। वरीय अधिकारियों से मिलने पटना गए जिले के दो आला अधिकारी

जिले में मनरेगा की योजनाओं में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। दैनिक जागरण में आरोपों और जांच प्रक्रिया को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद इस मामले की धमक पटना तक पहुंच गई है। इसी बीच जिले के दो आला अधिकारी मंगलवार को मामले के संबंध में विचार-विमर्श करने के लिए पटना रवाना हुए। सूत्रों की मानें तो मामला सामने आने के बाद अधिकारियों को पटना बुलाया गया है। जिसके बाद विभागीय निर्देशों के आलोक में वे आगे की कार्रवाई करेंगे।

Posted By: Jagran

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