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गांव के स्कूल से IMA देहरादून तक, अभिनंदन बने लेफ्टिनेंट; माता-पिता के निधन के बाद भी नहीं टूटा हौसला

Published: Sun, 24 May 2026 08:46 AM (IST)

बक्सर के योगियां गांव निवासी अभिनंदन मिश्रा ने भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून में लेफ्टिनेंट पद के लिए चयनित होकर जिले ...और पढ़ें

सेना में अध‍िकारी बने अभ‍िनंदन मिश्रा।

सेना में अध‍िकारी बने अभ‍िनंदन मिश्रा।

HighLights

  1. अभिनंदन मिश्रा भारतीय सैन्य अकादमी में लेफ्टिनेंट पद पर चयनित।

  2. उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 42वीं रैंक हासिल की।

  3. बक्सर के योगियां गांव के निवासी, परिवार और जिले का गौरव बढ़ाया।

संवाद सहयोगी, ब्रह्मपुर (बक्सर)। स्थानीय प्रखंड के योगियां गांव निवासी अभिनंदन मिश्रा ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर बड़ी सफलता हासिल की है।

भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से लेफ्टिनेंट पद के लिए चयनित होकर परिवार, गांव और पूरे बक्सर जिले का गौरव बढ़ाया है।

भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून में लेफ्टिनेंट पद के लिए चयन प्राप्त किया। अभिनंदन ने ऑल इंडिया स्तर पर 42वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। 

गांव में प्राप्‍त की प्रारंभ‍िक श‍िक्षा 

स्वर्गीय सहजानंद मिश्रा के पोते और स्वर्गीय वाचस्पति मिश्रा के पुत्र अभिनंदन की प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय से हुई।

साधारण परिवेश में पले-बढ़े अभिनंदन ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। वर्ष 2020 में उनका चयन भारतीय वायुसेना में हुआ, जहां से उन्होंने अपने सैन्य जीवन की शुरुआत की।

माता-पिता के निधन के बाद जीवन की चुनौतियां और बढ़ गईं, लेकिन बड़े भाई की प्रेरणा और मार्गदर्शन ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया।

इसी दौरान उन्होंने सेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य तय किया और पूरी निष्ठा के साथ तैयारी शुरू कर दी। कठिन मेहनत और अनुशासित प्रयासों के बल पर उन्होंने एसएसबी परीक्षा में सफलता की।

सदर व‍िधायक आनंद म‍िश्रा ने क‍िया प्रोत्‍साह‍ित 

उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। गांव के लोग इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक सफलता बता रहे हैं।

अभिनंदन मिश्रा ने अपनी सफलता का श्रेय सीमित संसाधनों के बीच किए गए निरंतर परिश्रम, बड़े भाई के सहयोग तथा बक्सर सदर विधायक आनंद मिश्रा से मिले मोटिवेशन को दिया।

उन्होंने कहा कि यदि युवा अपना लक्ष्य स्पष्ट रखें और ईमानदारी से मेहनत करें, तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है।